Prateik and Raj babbar
प्रतीक ने एक इंटरव्यू में कहा था, मेरे पिता के पास मेरी बात सुनने का वक्त नहीं था। सब लोग मुझे मेरी मां की कामयाबी के बारे में बताते थे लेकिन मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता था। मेरे दिमाग में आवाजें कौंधती थी कि मेरी मां मेरे साथ क्यों नहीं है। बीबीसी से खास बातचीत में प्रतीक बब्बर ने कहा था, मैं मरने की कगार पर था।