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Phoolan Devi: फूलन के हत्यारे की बायोपिक के विरोध में एकजुट हो रहे नेता, पिछड़ी जातियों के संगठनों पर टिकी नजर

Tue, 09 Aug 2022 06:48 PM IST
मोहम्मद फायक अंसारी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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शेर सिंह राणा का पोस्टर-विद्युत जामवाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बॉक्स ऑफिस पर अभिनेता और मार्शल आर्ट्स एक्सपर्ट विद्युत जामवाल की फिल्म ‘खुदा हाफिज चैप्टर 2’ भले सुपरफ्लॉप रही हो, लेकिन उनकी एक फिल्म को लेकर यहां मुंबई में सरगर्मियां काफी तेज हैं। पिछड़ी जातियों के कुछ संगठनों ने महाराष्ट्र में इस फिल्म के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति पर काम करना शुरू किया है और जल्द ही इस बारे में देश भर के पिछड़ी जाति के संगठनों से भी संपर्क शुरू किया जाएगा। ये फिल्म है ‘शेर सिंह राणा’ और इस फिल्म में शेर सिंह के उस मिशन को दिखाए जाने की बात इसके निर्माता करते रहे हैं जिसके तहत जेल से फरार होकर वह अफगानिस्तान में रखी पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लेकर वापस भारत आया था।
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शेर सिंह राणा का पोस्टर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फूलन के जन्मदिन पर श्रीगणेश
फूलन देवी के जन्मदिन 10 अगस्त से उनको मारने वाले शेर सिंह राणा पर बन रही बायोपिक को लेकर पिछड़ी जातियों के संगठनों ने एक संपर्क अभियान शुरू करने की योजना बनाई है। इस बारे में बातचीत अभी व्यक्तिगत स्तर पर ही हो रही है लेकिन माना जा रहा है कि इसे लेकर जल्द ही एक बैठक महाराष्ट्र में आयोजित की जा सकती है जिसके बाद फूलन देवी से जुड़े रहे लोगों से भी संपर्क करने और इस बारे में मुहिम छेड़ने पर फैसला हो सकता है।  मुंबई फिल्म नगरी में फूलन देवी की भी बायोपिक बन चुकी है। ये बायोपिक 'द बैंडिट क्वीन' के नाम से जब शेखर कपूर ने बनाई तब उनका भी काफी विरोध हुआ। मामला अदालत तक भी गया था।
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फूलन देवी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
21 साल पहले हुई थी हत्या
अब फूलन देवी की हत्या के दोषी शेर सिंह राणा की बायोपिक को लेकर हलचल शुरू हो रही है। 25 जुलाई 2001 को शेर सिंह राणा ने फूलन देवी की दिल्ली में उनके घर के बाहर ही हत्या कर दी थी। दो दिन बाद शेर सिंह ने देहरादून में आत्म समर्पण कर दिया। शेर सिंह के मुताबिक उसने ये हत्या बहमई कांड में मारे गए 22 राजपूतों की हत्या का बदला लेने के लिए की। तीन साल जेल में रहने के बाद 17 फरवरी 2004 को शेर सिंह राणा जेल से भाग कर अफगानिस्तान गया और वहां से पृथ्वीराज चौहान के अवशेष लेकर वापस लौटा। अपनी मां की मदद से उसने पृथ्वीराज चौहान का एक मंदिर भी बनवाया। 2014 में शेर सिंह को उम्र कैद की सजा हुई और फिर वह जमानत पर जेल से बाहर आ गया। इस बीच उसने बीजेपी के एक नेता की बेटी से शादी भी कर ली।

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निर्माता और निर्देशक के साथ विद्युत जामवाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

निर्देशक और हीरो तय हो चुके 

अभिनेता अक्षय कुमार को लेकर ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ जैसी फिल्म निर्देशित कर चुके निर्देशक नारायण सिंह ही शेर सिंह राणा की बायोपिक बना रहे है। इसमें शेर सिंह राणा की भूमिका विद्युत जामवाल निभा रहे है। फिल्म के निर्देशक नारायण सिंह की माने तो शेर सिंह राणा का जीवन बहुत ही रोमांच और साजिशों से भरा हुआ है। यह एक ऐसे व्यक्ति के बारे में है जिसका उद्देश्य अपने राष्ट्र के लिए कुछ करना था। उन्होंने तालिबान को चुनौती देते हुए अफगानिस्तान से पृथ्वीराज चौहान के अवशेषों को वापस लाकर हमारे देश को गौरवान्वित किया है। 

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विद्युत जामवाल - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

2012 में शेर सिंह ने लड़ा चुनाव 

वहीं, ‘कमांडो’ और ‘खुदा हाफिज’ जैसी फिल्में कर चुके अभिनेता विद्युत जामवाल पहली बार किसी की बायोपिक करने जा रहे है। इस फिल्म के बारे में वह कहते हैं, 'इस फिल्म को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं। मुझे लगता है कि नियति ने सारे पहलुओं को जोड़कर शेर सिंह की भूमिका मुझ तक पहुंचाई है।’ शेर सिंह राणा जन्म 17 मई 1976 को उत्तराखंड के रुड़की में हुआ। साल 2005 में अफगानिस्तान के गजनी में रखी पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां भारत में लाने का उसने बाकायदा वीडियो भी बनाया था। शेर सिंह राणा ने 2012 में उत्तर प्रदेश के जेवर से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा लेकिन इसमें हार झेलनी पड़ी।

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शेर सिंह राणा - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पूर्व विधायक की बेटी से हुई शादी
शेर सिंह राणा की शादी छतरपुर, मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक राणा प्रताप सिंह की बेटी प्रतिमा राणा से हुई है। ये शादी रुड़की में हुई और इस शादी के बाद हुए रिसेप्शन में कुछ खास लोग भी शामिल हुए थे। चर्चा रही है कि इस शादी में राणा को वधू पक्ष ने दहेज के तौर पर 10 करोड़ की खदान और 31 लाख रुपए देने की पेशकश की थी जिसे लेने से शेर सिंह राणा ने इंकार कर दिया था।
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