raghubir yadav
- फोटो : Social Media
वर्ष 1988 में जब इन दोनों की शादी हुई, तब पूर्णिमा पेशे से एक अंतर्राष्ट्रीय कथक नर्तकी थीं, और रघुवीर एक संघर्षरत अभिनेता थे। पूर्णिमा के अनुसार उन्होंने रघुवीर के लिए अपना करियर छोड़ दिया, और रघुवीर के करियर पर ध्यान दिया। धीरे-धीरे रघुवीर कामयाबी की सीढ़िया चढ़ते गए, और दूसरी अपनी पत्नी और बच्चे को भूल गए। साल 1995 में पत्नी पूर्णिमा और अपने पांच साल के बच्चे को छोड़कर रघुवीर चले गए, जिसके बाद उन्होंने फिर कभी मुड़कर नहीं देखा।