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बेटी बचाओ अभियान के एंबेसडर से नहीं हटाई गईं थीं परिणीति चोपड़ा, विवाद के बाद सामने आया सच

Mon, 23 Dec 2019 06:54 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेंमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Parineeti Chopra - फोटो : Social Media
जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की बॉलीवुड के कई स्टार्स ने निंदा की थी। इस मामले पर अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के बयान को लेकर तो काफी विवाद हुआ था। उनके एक ट्वीट के बाद कांग्रेस की तरफ से ये कहा गया कि इस पर बयानबाजी की वजह से अभिनेत्री को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर से हटा दिया गया है। मामले ने तूल पकड़ा तो इसपर हरियाणा सरकार ने सफाई दी। अब इस पूरे विवाद के बाद परिणीति की तरफ से एक बयान जारी किया गया है। 
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parineeti chopra - फोटो : Social Media
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर से हटाए जाने की खबरों का परिणीति चोपड़ा के प्रवक्ता ने खंडन किया है। प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि परिणीति को हटाया नहीं गया, बल्कि उनका अभियान से जुड़ाव दो साल पहले ही खत्म हो चुका है। हरियाणा सरकार ने 2015 में परिणीति को अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया था।
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Parineeti Chopra - फोटो : Amar Ujala, Mumbai
अभिनेत्री के प्रवक्ता ने कहा, 'अभियान के साथ परिणीति का जुड़ाव अप्रैल 2017 में खत्म हो चुका है। इन अटकलों में सच्चाई नहीं है और हम इस बारे में रिपोर्टिंग से परहेज करने का अनुरोध करते हैं। 

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परिणीति चोपड़ा - फोटो : सोशल मीडिया
परिणीति ने ट्वीट करते हुए लिखा था, 'अगर नागरिकों द्वारा अपने विचार व्यक्त करने से हर बार यही होता रहे तो कैब (Citizenship Amendment Bill) को भूल जाइये। हमें एक बिल पास करना चाहिए और अपने देश को लोकतांत्रिक देश कहना छोड़ देना चाहिए। अपने मन की बात कहने के लिए निर्दोष लोगों की पिटाई की जा रही है? बर्बर है।'
 
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रणदीप सुरजेवाला - फोटो : PTI
परिणीति की खबर को ट्वीट करते हुए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर लिखा था, 'खट्टर साहब हरियाणा की बेटियां पढ़ी लिखी भी हैं, समझदार भी और अपने विचार व्यक्त करने का साहस रखने वाली भी। उन्हें ब्रांड एंबेसडर से हटा कर और बौखला कर आप उनकी आवाज नहीं दबा सकते। और जजपा चुप क्यों है? कितनों की आवाज दबाओगे और आखिर कब तक?'
 
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मनोहर लाल खट्टर (फाइल)
हरियाणा सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग के प्रवक्ता ने बताया था कि सही तथ्यात्मक स्थिति यह है कि सरकार ने अप्रैल, 2017 तक चलने वाले एक वर्ष की अवधि के लिए मई, 2016 में परिणीति चोपड़ा के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। इसके पश्चात एमओयू को कभी भी नवीनीकृत नहीं किया गया। परिणीति का करार 2017 में खत्म हो गया था और सिर्फ रेसलर साक्षी मलिक अभी इस अभियान की अंबेसडर हैं।

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