ताल और घुंघरु का तालमेल करना किसी नर्तक के लिए आम बात है, लेकिन घुंघरू की झनक पर दर्शकों का दिल जीत लेने की बात हो तो पंजित बिरजू महाराज का नाम पहले आता है। उन्होंने कथक को न सिर्फ एक अलग मुकाम पर पहुंचाया है, बल्कि भारतीय संस्कृति को सभी के बीच मशहूर करने के लिए उनको सरकार ने तमाम सम्मान से भी नवाजा है। आज इनका जन्मदिवस है। तो चलिए इस खास मौके पर उनसे जुड़ी कुछ खास बातें जानते हैं।