महेंद्र सिंह का कहना है कि उनके पुत्र विश्वराज सिंह ने केंद्रीय सेंसर बोर्ड को लेटर भेजकर फिल्म को लेकर कुछ सवालों का जवाब मांगा था, लेकिन सेंसर ने उसे पूरी तरह से अनदेखा कर दिया। बता दें कि फिल्म निर्देशक और प्रोड्यूसर्स ने प्रस्तावित संशोधनों पर पूरी तरह से सहमति जताई है। सीबीएफसी के बयान के अनुसार, फिल्म की शुरुआत में एक संदेश चलाना होगा, जिसमें जौहर प्रथा को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं दिखाने का जिक्र करना होगा। इसके अलावा फिल्म के घूमर गाने में भी बदलाव करना होगा।