मुंबई की ठंडी ठंडी हवा वाली रात। कार में बजता राजेश खन्ना की फिल्म ‘आराधना’ का गाना ‘रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना, भूल कोई हमसे ना हो जाए...’। स्टीयरिंग हैंडसम नौजवान के हाथ में और आगे की सीट पर सकुचाती, शर्माती सी, हीरोइन सी दिखती युवती। हाथों में फूल हैं। दिल में अरमान हैं और एक बेताबी भी, ‘फर्स्ट नाइट’ मनाने की। दोनों सुनसान पार्किंग में कार खड़ी करने के बाद एक दूसरे के आगोश में होना ही चाहते हैं कि खिड़की पर ठकठक होती है। गबरू सा दिखने वाला ये शख्स खुद को पुलिस वाला बताता है। लड़की को पीछे की सीट पर अपने साथ बिठाता है। उसका साथी आगे युवक के साथ बैठता है। और फिर जो होता है, वह सच में रोंगटे खड़े कर देने वाला है।