Anurag Kashyap and Nawazuddin Siddiqui
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अनुराग कश्यप और नवाजुद्दीन सिद्दीकी में बतौर निर्देशक-अभिनेता जैसी ट्यूनिंग है, वैसी किसी और जोड़ी में आपको दिखती है क्या, जैसे मनमोहन देसाई-अमिताभ बच्चन या प्रकाश मेहरा-अमिताभ बच्चन?
मेरी और अनुराग की ट्यूनिंग बिमल रॉय और दिलीप कुमार जैसी ट्यूनिंग है। जिस जमाने में पारसी थिएटर का बोलबाला था, हर कलाकार चिल्लाकर अपने संवाद बोलता था। उस दौर में दिलीप कुमार ने बहुत धीमे बोलने का प्रयोग करना चाहा और बिमल रॉय ने करने दिया। जिन निर्देशकों के आपने नाम लिए उन्होंने कभी किरदारों के जेहन में जाने की कोशिश नहीं की। बिमल रॉय को पता होता था कि मेरा किरदार सोएगा तो क्या सोच रहा होगा और सुबह जागेगा तो क्या बोलेगा। तभी तो दिलीप कुमार बोल पाए, ‘महल में कुछ सुनाई दिया मुझे।’