dia mirza
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दीया ने बताया, 'जब मैं हैदराबाद में रहती थी तब मैंने भी छेड़छाड़ की घटनाएं झेली थी। हालांकि मैं वहां चुप-चाप नहीं रही, बल्कि उसका सामना किया और उसका नाम पूछा। उस समय उस लड़के के पास कोई भी जवाब नहीं था।' दीया ने आगे बताया, 'हमें कभी यह घटनाएं नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए और ना ही डरना चाहिए। इसका सामना करने या इसके खिलाफ आवाज उठाने में कुछ भी शर्म जैसा नहीं है। यह भविष्य की समस्याओं और परिस्थितियों का सामना करने की हिम्मत प्रदान करता है। ऐसी घटनाएं बंद हो सकती हैं। '