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National Girl Child Day: माहवारी के दौरान साफ सफाई पर मानुषी का अभियान, जानिए क्या है प्रोजेक्ट शक्ति

Sun, 24 Jan 2021 03:42 PM IST
स्वाति सिंह अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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मानुषी छिल्लर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
पूर्व विश्व सुंदरी मानुषी छिल्लर ने महिलाओं को माहवारी के समय स्वच्छता और स्वास्थ्य शिक्षा देने के लिए एक नया अभिय़ान शुरू किया है। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर इस बारे में खुलासा करते हुए मानुषी ने बताया कि ये काम वह अपने सामाजिक संगठन ‘प्रोजेक्ट शक्ति’ के जरिए पूरे देश में करना चाहती हैं। गौरतलब है कि ‘प्रोजेक्ट शक्ति’ पिछले तीन वर्षों से इस अभियान को आगे बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रहा है।
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मनुषी छिल्लर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
मानुषी कहती हैं, “माहवारी के दौरान साफ सफाई अब भी हमारे देश में चिंता का एक सबसे नाजुक विषय है। ये हालात सुधरें इसके लिए ‘प्रोजेक्ट शक्ति’ पूरे देश में अपनी पहुंच बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है। पूर्व और उत्तर-पूर्व में पहुंच बनाने के साथ साथ अब हमने इसमें सुंदरबन का आदिवासी इलाका भी शामिल किया है।”
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मानुषी छिल्लर - फोटो : instagram
मानुषी को पता है कि ये साल उनके करियर का उनका बेहद साल होने जा रहा है क्योंकि इस साल उनकी डेब्यू फिल्म रिलीज होने वाली है। फिर भी वह चाहती हैं कि इस मुद्दे को लेकर कोशिशें ते़ज करने के लिए वह समय निकालती रहें। मानुषी के मुताबिक, “ये जागरूकता अभियान यह बताने के लिए चलाया जा रहा है कि साफ-सफाई क्यों जरूरी है। हम उत्पादन इकाइयों में काम करने का प्रशिक्षण देने वाली जगहों पर महिलाओं को अपने ऐसे सैनिटरी पैड वितरित करते हैं जो इस्तेमाल के बाद पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से नष्ट हो जाते हैं।”

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मानुषी छिल्लर - फोटो : instagram
मानुषी को पता है कि उनके इन इरादों पर सवाल उठ सकते हैं तो वह अभी से वादा कर रही हैं कि इस महत्वपूर्ण, आवश्यक और नेक कार्य के लिए वह अपना जीवन समर्पित कर चुकी हैं। वह कहती हैं, “इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लेकर ज्यादा से ज्यादा जागरूकता पैदा करने के लिए मैं अपना पूरा जीवन लगा दूंगी, क्योंकि यह देश की असंख्य महिलाओं को प्रभावित करता है। साफ सफाई के दीर्घकालिक असर के बारे में हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित करना ही होगा।“
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मानुषी छिल्लर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मानुषी का मानना है कि लड़कियों और महिलाओं को यह बताया जाना जरूरी है कि उन्हें इको-फ्रेंडली सैनिटरी पैड का इस्तेमाल क्यों शुरू करना चाहिए। वह कहती हैं, “इन महिलाओं से संपर्क करने की एक अन्य बड़ी वजह पारस्थितिक असंतुलन और पर्यावरण प्रदूषण भी है, जिसके बढ़ने के अनेक कारण हैं। हमारे इको-फ्रेंडली और पूरी तरह से गल जाने वाले सैनिटरी पैड कचरे का ढेर पैदा नहीं करते, न ही लाइलाज अपशिष्ट बनते हैं और ये पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान भी नहीं पहुंचाते हैं। हमें युवतियों को ज्ञान की शक्ति प्रदान करनी होगी, तभी वे सारी जानकारी को अपने खुद के स्वास्थ्य, अधिकारों और आत्म-निर्भरता की दिशा में इस्तेमाल कर पाएंगी।”
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