मानुषी छिल्लर
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मानुषी का मानना है कि लड़कियों और महिलाओं को यह बताया जाना जरूरी है कि उन्हें इको-फ्रेंडली सैनिटरी पैड का इस्तेमाल क्यों शुरू करना चाहिए। वह कहती हैं, “इन महिलाओं से संपर्क करने की एक अन्य बड़ी वजह पारस्थितिक असंतुलन और पर्यावरण प्रदूषण भी है, जिसके बढ़ने के अनेक कारण हैं। हमारे इको-फ्रेंडली और पूरी तरह से गल जाने वाले सैनिटरी पैड कचरे का ढेर पैदा नहीं करते, न ही लाइलाज अपशिष्ट बनते हैं और ये पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान भी नहीं पहुंचाते हैं। हमें युवतियों को ज्ञान की शक्ति प्रदान करनी होगी, तभी वे सारी जानकारी को अपने खुद के स्वास्थ्य, अधिकारों और आत्म-निर्भरता की दिशा में इस्तेमाल कर पाएंगी।”