मनोज वाजपेयी
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स्कूल के दिनों में मनोज काफी शर्मीले थे, इसलिए स्कूल टीचर उन्हें पूरी क्लास के सामने हरिवंश राय बच्चन की कविता सुनाने के लिए कहते थे। मनोज बाजपेयी को NSD से पहले तीन बार रिजेक्शन मिला था, जिसके बाद वह टूट से गए लेकिन हार नहीं माने। चौथी बार जब उन्होंने NSD के लिए अप्लाई किया उन्हें फिर रिजेक्ट कर दिया गया लेकिन स्टूडेंड के तौर पर। मनोज को वहां पढ़ाने की जिम्मेदारी मिल गई थी।