नसीरुद्दीन शाह
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नसीरुद्दीन बोले, 'अपनी आवाज सुनाने के लिए, अगर उसमें कोई वजन है, तो आपको ऐसी फिल्मों का हिस्सा नहीं बनना चाहिए, जो आपकी अपनी मान्यताओं से टकराती हों, या कोई भी ऐसा काम, जो आपके विश्वासों से टकराता हो। दुर्भाग्य से बहुत सारे लोगों के साथ ऐसा नहीं है क्योंकि जो आवाज उठाते हैं उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन जिनकी से पड़ता हैं, वे सब डरे हुए हैं। वे सभी जीत की ओर रहना चाहते हैं।' अभिनेता ने यह भी कहा कि कला अकेले इस चीज का उपचार नहीं कर सकती है। वह बोले, 'जवाब देना कला का काम नहीं है। इसके लिए सही सवाल उठाने होंगे। यह एक हद तक ठीक हो सकता है, लेकिन यह कार्रवाई है जो ठीक करती है और यह समय पर निर्भर करता है कि कब कार्रवाई होती है। इससे बिना डरे लड़ना होगा।'