निर्देशक नंदिता दास की फिल्म 'मंटो' को डर है कि उसे सेंसर बोर्ड में उलझनों का सामना करना पड़ेगा। इस साल कान फेस्टिवल में 'मंटो' को भारतीय फिल्म के रूप में चुना गया था परंतु सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म को खास तवज्जो नहीं दी।
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नवाजुद्दीन, नंदिता दास
- फोटो : File Pic
कान में नवाजुद्दीन सिद्दिकी स्टारर इस फिल्म ने विदेशी खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया मगर भारतीय खेमे के दर्शकों को फिल्म खास पसंद नहीं आई। अब फिल्म से सूत्र बता रहे हैं कि निर्माता-निर्देशक को डर है कि भारतीय सेंसर बोर्ड में 'मंटो' मुश्किल में पड़ सकती है क्योंकि इसका मुख्य मुद्दा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।
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कुछ दृश्य तथा संवाद बोर्ड में बैठे लोगों को नागवार गुजर सकते हैं। बीते कुछ वर्षों में देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ऐसा मुद्दा रहा है, जिस पर काफी विवाद हुए हैं।
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कई साहित्यकारों और फिल्मकारों ने सरकारी पुरस्कार तक लौटाए। ऐसे में विवादों से बचने के लिए नंदिता दास खुद फिल्म को अपनी तरफ से सेंसर करने में जुट गई हैं।