krantiveer
- फोटो : file photo
किरदार : प्रताप नारायण तिलक
फिल्म : क्रांतिवीर (1994)
'आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने...!' शायद याद तो आ ही गया होगा! यह किरदार उनकी जिंदगी के सबसे बेहतरीन किरदारों में से एक है। प्रताप के किरदार में नाना ने इस फिल्म से दर्शकों और समीक्षकों को अपना दीवाना बना लिया था। इस फिल्म में एक बेफिक्र बस्ती के आम आदमी के किरदार के रूप में नाना पाटेकर अपने इलाके के सबसे बड़े गुंडे (डैनी) से भी भिड़ जाते हैं। वह सिर्फ अच्छाई का साथ देते हैं और ऐसा करने के लिए सभी लोगों को अपने सख्त रवैये से प्रेरित करते हैं। हिन्दू मुस्लिम, अमीरी गरीबी, जैसी ऊंच नीच जो समाज में फैली हुई हैं, नाना उन्हीं से ऊपर उठकर लोगों को सच का आईना दिखाना चाहते हैं। 'ये मेरा खून, और ये मुसलमान का खून! मैंने दोनों को मिक्स कर दिया। अब बता इसमें हिन्दू का कौनसा है और मुसलमान का कौनसा है?' इस तरह के नाना पाटेकर द्वारा पूरे जोश के साथ फिल्म में बोले गए कई संवाद लोगों के दिमाग में अभी तक घर किए हुए हैं। फिल्म में बेहतरीन अभिनय के लिए नाना पाटेकर को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के रूप में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर पुरस्कार और स्टार स्क्रीन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।