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भारत का मुसलमान भारतीय है न कि पाकिस्तानी, 'मुल्क' देखने को मजबूर करेंगी ये 5 वजहें

Tue, 24 Jul 2018 02:17 PM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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हर मुसलमान आतंकी नहीं होता। इसी संवदेनशील मुद्दे पर शाहरुख खान अभिनीत फिल्म 'माई नेम इज खान...' बनी थी। अब इसी थीम पर निर्देशक अनुभव सिन्हा 'मुल्क' लेकर आ रहे हैं, जिसमें भारत पाकिस्तान के रिश्तों में चल रहे द्वंद को दिखाया गया है। ये भी बताने का प्रयास किया गया है कि भारत का मुसलमान भारतीय ही है न कि पाकिस्तानी। फिल्म की कहानी किसी पॉलीटिकल नेता या राजनीतिक मुद्दे पर आधारित नहीं है। कहानी वही है जो इस समाज में हर रोज हो रहा है। सिर्फ वही दिखाया गया है जो हो रहा है। समाधान किसी को नहीं मालूम। कोई नहीं जानता कि समाज को कैसे सुधारा जा सकता है।
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मुसलमान परिवार की कहानी 
ऋषि कपूर के मुताबिक कि ये फिल्म सिर्फ एक परिवार की कहानी है। मुल्क में सिर्फ वही दिखाया गया है जो आज के समाज हो रहा है। इन समस्याओं का हल किसी के पास नहीं है। जात-पात की लड़ाई बहुत पहले से चलती आ रही है और आगे भी चलती रहेगी। शायद ही कभी इसमें कोई सुधार हो सके। आज के इस समय में भी लोग इतनी एजुकेशन के बावजूद समुदायों के बारे में सोचते नजर आते हैं। लोगों को जैसा सिखा दिया जाता है वैसा ही वो सोचने लगते हैं। 
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भारत-पाकिस्तान रिश्ते पर
ऋषि कपूर ने कहा कि अमेरिका भी उत्तर कोरिया से बात कर रहा है। समझौते के लिए विचार विमर्श कर रहा है लेकिन भारत-पाकिस्तान अभी भी लड़ते नजर आ रहे हैं। पहले भी लड़ रहे थे, आज भी लड़ रहे हैं और आगे भी लड़ते ही रहेंगे। उन्हें आमने सामने बैठकर समझौता करना नहीं आता। उन्होंने दोनों देशों को सलाह देते हुए कहा कि- अरे एक दूसरे के साथ बैठो और इस लड़ाई का हल निकालो...। इस एक लड़ाई के चलते कितना कुछ प्रभावित हो रहा है। 

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हिंदू मुसलमान नहीं केवल इंसानियत
फिल्म के एक्टर रजत कपूर ने कहा कि ने कहा कि यह कोई हिन्दू या मुसलमान का मामला नहीं है ये तो इंसानियत का मामला है। इंसान को सिर्फ दूसरे इंसान में अच्छाई ढूंढनी चाहिए। मुल्क की प्रमोशन को दिल्ली आई सारी स्टारकास्ट ने एक सुर में कहा कि वह राजनीति से दूर रहते हैं और फिल्म में ही राजनीति का कोई पहलू नहीं है। यहां सिर्फ एक परिवार की कहानी है जो किसी समस्या से जूझ रहा है और कोर्ट में उसका फैसला चाहता है। 
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शर्मनाक है मॉब लिंचिंग
फिल्म के डायरेक्टर और एक्ट्रेस तापसी पन्नू के साथ एक स्वर मिलाते हुए ऋषि कपूर ने कहा कि मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं के बारे में चर्चा करना ही शर्म की बात है। ये देश में हो रहा है ऐसा सोचते हुए भी डर लगता है। इस तरह की घटनाएं आपके देश को शर्मसार करती हैं। आप खुद सोचने लग जाते हैं कि इतने क्वालिफाइड होने के बावजूद आप कहां रह रहे हो। क्यो सोच रहे हो और कैसे जी रहे हो। इन प्रश्नों का किसी के पास कोई जवाब नहीं होता। 
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कौन कर रहा है फर्क नहीं पड़ता, पर गलत है
तापसी ने अपना एक छोटा सा किस्सा शेयर करते हुए बताया कि एक सुबह उन्होंने किसी न्यूज चैनल पर मॉब लिंचिंग की कोई घटना देखी थी जिसे देखते ही वह सह नहीं पाईं और उन्हें खाने की प्लेट देखकर उल्टी आने लगी। किस तरह से सभी न्यूज चैनल लिंचिंग को हर एंगल से डिटेल में बता रहे थे जिसे देखकर उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है। यह कौन सा समुदाय कर रहा है इससे फर्क नहीं पड़ता लेकिन ये जो भी हो रहा है सब गलत हो रहा है। 
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