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कानून तोड़ने वालों को मुकेश खन्ना ने लिया आड़े हाथों, कहा- ‘हम डेमोक्रेसी का नुकसान उठा रहे’

Wed, 20 Jan 2021 10:48 AM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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मुकेश खन्ना - फोटो : यूट्यूब
मुकेश खन्ना अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं। सोशल मीडिया के जरिए वह अपने विचार रखते हैं। अब मुकेश खन्ना ने कहा कि भारत डेमोक्रेसी का नुकसान उठा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने देश में टू पार्टी सिस्टम की वकालत की है।
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मुकेश खन्ना - फोटो : यूट्यूब
मुकेश खन्ना ने ये बातें अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किए गए वीडियो में कही हैं। वह कहते हैं कि 'भारत दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी मानी जाती है। सुनकर अच्छा लगता है लेकिन मुझे दुख तब होता है जब हम उस डेमोक्रेसी का फायदा नहीं नुकसान उठाते रहते हैं। आप पूछेंगे कि डेमोक्रेसी का हम नुकसान कैसे उठा सकते हैं। डेमोक्रेसी तो एक स्वतंत्रता है। हम कुछ भी बोल सकते हैं। अभिव्यक्ति की आजादी है। यह अच्छी बातें हैं लेकिन धीरे धीरे इंसान शातिर होता जाता है तो जब वह कहता है कि कानून अंधा होता है यह उसका फायदा उठाने लगते हैं। हमारे यहां कहा जाता है कि जिस दिन कानून बनता है उस कानून को कैसे तोड़ा जाए इस पर काम शुरू हो जाता है।'
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मुकेश खन्ना - फोटो : यूट्यूब
मुकेश खन्ना ने यहां सुशांत सिंह राजपूत केस का जिक्र भी किया। वह कहते हैं कि 'लोकतांत्रिक देश सबूतों पर चलते हैं। एसएसआर केस क्यों इतना बड़ा होता जा रहा है। हमने पूरे जोरों से कहा कि सीबीआई को ले आओ। सीबीआई आई एक दो महीने बाद, मुझे नहीं पता तब तक क्या सबूत रहे होंगे। हम जब कहते हैं कि हम डेमोक्रेसी का नुकसान उठा रहे हैं तो हम डेमोक्रेसी में अपने बचाव के तरीके खोज लेते हैं।'

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मुकेश खन्ना - फोटो : अमर उजाला
मुकेश खन्ना ने आगे कहा कि 'जिस तरह अमेरिका और ब्रिटेन में दो पार्टियां हैं भारत में भी वैसा ही होना चाहिए। मैंने बहुत पहले ये बात कही थी और आज भी वही बात कहना चाहता हूं। ऐसा करिए कि देश में सिर्फ दो पार्टियां रहें। एक तरफ बीजेपी है और दूसरी तरफ बाकी सभी पार्टियों को मिलकर एक पार्टी बनानी चाहिए।'
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मुकेश खन्ना - फोटो : अमर उजाला
'आजकल पार्टियों की वजह से बिल पास नहीं हो पाते हैं। दूसरी कई पार्टियां उन बिल को रोक देती हैं। अगर दो पार्टियां रहेंगी तो ऐसा नहीं हो पाएगा। हालांकि ऐसा करना आसान नहीं है लेकिन अगर ऐसा हो जाता है तो हमारा देश आगे बढ़ पाएगा।'
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