बॉलीवुड की फिल्मों पर विवाद कोई नई बात नहीं है। हर साल कुछ फिल्मों को लेकर विवाद होता है। ये विवाद फिल्मों के नाम से लेकर, फिल्माए गए सीन पर और कई बार फिल्म की कहानी पर होते हैं। साल 2017 जाने वाला है और 2018 की वेलकम की तैयारी शुरू हो चुकी हैं। तो चलिए ले चलते हैं आपको फ्लैशबैक में और बताते हैं इस साल बॉलीवुड की किन फिल्मों पर क्या-क्या विवाद हुआ।
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पद्मावति
संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' पर जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि फिल्म के विरोध में राजनेताओं ने भी अपने स्वर ऊंचे कर लिए। 'पद्मावती' के विरोध में राजस्थान, गुजरात समेत कई राज्यों में विरोध हुआ। जिसके बाद फिल्म की रिलीज टाल दी गई। फिल्म के विरोध का कारण इसकी कहानी थी, जो राजस्थान की रानी पद्मिनी, राजा रतन सिंह और अलाउद्दीन खिलजी पर आधारित थी। इस फिल्म में रणवीर सिंह ने अलाउद्दीन खिलजी का, शाहिद कपूर ने राजा रतन सिंह का और दीपिका पादुकोण ने रानी पद्मिनी का किरदार निभाया है।
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टाइगर जिंदा है
सलमान खान और कटरीना कैफ स्टारर फिल्म 'टाइगर जिंदा है' को लेकर भी विवाद हुआ। महाराष्ट्र में फिल्म के विरोध मेंशिव सेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने प्रदर्शन किया। जहां तक की फिल्म को रिलीज न होने देने की धमकी तक दी गई थी। विरोध करने वालों का कहना था कि बॉलीवुड फिल्मों के चलते मराठी भाषा की फिल्मों को स्पेस नहीं मिल पाता है। वहीं राजस्थान में भी फिल्म के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। राज्य में वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने एक्टर सलमान खान के पुतले फूंके। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फिल्म के प्रमोशन के दौरान एक्टर ने अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
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जॉली एलएलबी 2
'द स्टेट vs जॉली एलएलबी 2' को हम आप मुख्य रूप से 'जॉली एलएलबी 2' के नाम से जानते हैं। ये 2013 में आई फिल्म 'जॉली एलएलबी' की सीक्वल है। फिल्म का निर्देशन और लेखन सुभाष कपूर ने किया है। फिल्म में मुख्य भूमिका में अक्षय कुमार , हुमा कुरैशी, अनु कपूर और सौरभ शुक्ला हैं। ये एक कोर्टरूम ड्रामा फिल्म है और इस पर विवाद भी यहीं से शुरू होता है। जयपुर में वकीलों ने फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन किया था। वकीलों का कहना था कि फिल्म में उनके पेशे का मजाक उड़ाया गया है। साथ ही फुटवियर कंपनी बाटा ने भी अक्षय कुमार पर मानहानि का मुकदमा किया था। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट में भी फिल्म के खिलाफ केस चल रहा था। हालांकि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को बिना किसी कट के हरी झंडी दे दी थी।
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लिपस्टिक अंडर माय बुर्का
निर्देशक अलंकृता श्रीवास्तव की फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का' पर भी जमकर विवाद हुआ था। हालांकि यह विवाद विरोध प्रदर्शन वाला नहीं था, बल्कि सेंसर बोर्ड को लेकर था। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को बैन कर दिया था, जिसके बाद बॉलीवुड में जमकर विवाद हुआ। फिल्म में कोंकणा सेन, रत्ना पाठक, अहाना कुमार और प्लाबिता प्रमुख भूमिका में हैं। विवाद बढ़ने के बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को 27 कट और ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की मंजूरी दी। बता दें कि ये एक महिला प्रधान फिल्म है, जिसमें हमारे समाज में महिलाओं के जीवन के बारे में बताया गया है।
टॉयलेट - एक प्रेम कथा
अक्षय कुमार और भूमि पेडनेकर की फिल्म 'टॉयलेट एक प्रेम कथा' भी विवादों का शिकार हुई। फिल्ममेकर पर कहानी चोरी का आरोप लगा था, जिसे उन्होंने सुलझा लिया। वहीं फिल्म निर्माण से पहले ही मथुरा के कुछ संतों ने फिल्म में नंदगांव और बरसाना के लड़का लड़की के बीच शादी को लेकर विरोध जताया था। जिसमें विवाद इतना बढ़ गया कि एक संत ने तो फिल्म के डायरेक्टर की जीभ काट कर लाने की बात कही थी। संत ने कहा था कि डायरेक्टर की जीभ काट कर लाने वाले को एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा।