वरुण धवन
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पुरस्कारों के पीछे भागने वाली फिल्म नगरी मुंबई में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी मॉडल या अदाकारा ने खुद को मिले दादा साहब इंटरनेशनल अवॉर्ड को लौटाने की घोषणा की हो। बीते नौ साल से जानवरों की देखभाल करने वाली संस्था दावा इंडिया चलाने वाली सुपरमॉडल निकिता घाग कहती है, ‘किसी भी अच्छे काम के लिए हमें पुरस्कार मिलता है तो इससे हमारा अच्छा काम करने का हौसला और बढ़ता है। प्रशंसा ही किसी अच्छे सामाजिक कार्य का सबसे बडा पुरस्कार है लेकिन मुझे मिले ‘दादा साहब फाल्के’ पुरस्कार के पीछे एक पूरा सिस्टम काम कर रहा है, ये मुझे बीते तीन चार दिनों में ही पता चला है।’