परिवार के साथ मिथुन चक्रवर्ती
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
नमाशी ने अपने पिता को बधाई देने और उनका आशीर्वाद लेने के अलावा और कुछ नहीं किया। वह पूरे दिन अपने बचपन से लेकर अब तक के अपने फोटो एलबम्स देखते रहे। नमाशी ने इस मौके पर ये भी कहा कि इस समय लॉकडाउन की वजह से तमाम लोग अकेले रह रहे हैं। ऐसे में सबको अपने परिजनों, मित्रों और परिचितों के साथ नियमित बातें करना बहुज जरूरी है। इन बातों के जरिए सभी को एक दूसरे से अपने जज्बात, हालात और तजुर्बात साझा करते रहना चाहिए।