कोर्ट ने कहा, 'पीड़िता ने गर्भपात की बात की है लेकिन मामले में कोई भी मेडिकल रिपोर्ट नहीं है। दोनों के बीच संबंध आपसी रजामंदी से बने थे और ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया कि आरोपी ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा पीड़िता ने कभी भी कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई। जाहिर है आरोपी की शादी होने वाली है इसी कारण रेप का आरोप लगा दिया गया।'