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'अब के हम बिछड़े तो' से लेकर 'गुलों में रंग भरे' तक, सुनिए मेहदी हसन की ये यादगार गजलें

Thu, 18 Jul 2019 04:39 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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mehdi hassan - फोटो : Self

राजस्थान के जयपुर से करीब 107 किलोमीटर दूर ‘लूना’ में जन्मे मेहदी हसन ने अपनी रूहानी आवाज में मोहब्बत और दर्द को जो गहराई दी थी, वो आज भी लोगों के दिलों को छू जाती है। 60 और 70 के दशक की शायद ही ऐसी कोई बड़ी फिल्म हो, जिसमें मेंहदी हसन का गाना न हो। ऐसे शानदार गायक का साल 1927 में आज ही के दिन जन्म हुआ था। स्वयं सुर सामाज्ञ्री लता मंगेशकर ने उनके बारे में कहा कि 'ऐसा लगता है कि मेहदी हसन के गले में भगवान बोलते हैं।'

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'गुलों में रंग भरे वादे-नौबहार चले'
ये ही वो गजल थी, जिसने रातोंरात मेहदी हसन शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचा दिया था।
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