वो गाना तो सुना ही होगा आपने, 'मेरे पिया गए रंगून, वहां से किया है टेलीफोन, तुम्हारी याद सताती है..।’ सी रामचंद्र का संगीत और शमशाद बेगम की सुरीली आवाज, निर्देशक एस एस रवैल और फिल्म 1949 में रिलीज हुई, 'पतंगा'। लेकिन कम लोगों को ही पता होगा कि इस फिल्म के निर्माता कौन थे? इस फिल्म के बनाने वाली कंपनी वर्मा फिल्म्स का 50 और 60 के दशक के हिंदी सिनेमा में बड़ा नाम रहा है। आजादी के ठीक एक साल बाद इस कंपनी की छह वर्मा भाइयों रामराखा, मुंशीराम, भगवान दास, बिहारीलाल, वालतीराम और संतराम ने मिलकर की। वर्मा फिल्म्स ने उस दौर में राज कपूर, शम्मी कपूर, प्रेम नाथ जैसे सितारों के साथ कामयाब फिल्में बनाईं और फिर साल 1966 आते आते इस कंपनी का सितारा डूबने लगा। आप कहेंगे कि साल 2022 में इतनी पुरानी कंपनी की चर्चा क्यों? तो इसकी वजह है नए धारावाहिक ‘आनंदीबा और एमिली’ के हीरो मिश्कत वर्मा। मिश्कत इसी वर्मा परिवार की तीसरी पीढ़ी के नुमाइंदे हैं, चलिए जानते हैं उनसे हिंदी सिनेमा की दिग्गज कंपनी रही वर्मा फिल्म्स के बारे में और उनके परिवार के बारे में।