फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बॉलीवुड के बउआ सिंह की 'इशकबाजी..' से मेरठ मिसिंग, जानें क्या है इसकी असली वजह

Wed, 05 Dec 2018 11:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 9
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' हिट न हो पाने की तमाम कमज़ोर कड़ियों में से एक सबसे बड़ी वाली कमजोर कड़ी थी इसका संगीत। ऐसा ही कुछ हाल ही में रिलीज हुए शाहरुख खान की फिल्म 'जीरो' के गाने में भी दिखा। इस गाने में मेरठिया खनक कहीं न कहीं मिसिंग है। आगे जानिए आखिर क्यों मेरठ की जमीन को नहीं छूती बउआ सिंह की 'इशकबाजी..' :- 

 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 9
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
संगीतकार अजय-अतुल मराठी फिल्मों के नामी कंपोजर हैं। हिंदी फिल्में भी वे बड़ी-बड़ी कर चुके हैं। लेकिन ऋतिक रोशन वाली अग्निपथ में सोनू निगम का गाया गाना 'अभी मुझमें कहीं...'  छोड़ दें तो उनके नाम कोई सुपर-डुपर गाना अभी तक दर्ज नहीं हो पाया है। वजह ये कि अजय-अतुल को ठेठ हिंदी पट्टी का लोकसंगीत सीखना अब भी बाकी है।
विज्ञापन

3 of 9
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
गाना: इशकबाजी..'
गायक कलाकार:  सुखविंदर सिंह, दिव्य कुमार
गीतकार: इरशाद कामिल 
संगीतकार: अजय-अतुल 
फिल्म:  'जीरो'
शाहरुख खान के करियर का टर्निंग प्वाइंट मानी जा रही फिल्म जीरो में अजय-अतुल का संगीत फिल्म की जमीन मेरठ से अब तक मैच नहीं कर पाया है। इसकी एक खास वजह मानी जा रही है वह क्या है आगे जानिए। 

4 of 9
Zero - फोटो : social media
मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का शहर है। हरियाणा की रागिनियां यहां के लोक संगीत में बसी हैं। इसके अलावा ब्रज गीत भी यहां खूब गाए जाते हैं। ऐसे में बउआ सिंह जब जीवन में पहली बार उम्मीद से ज्यादा खुश होगा और ऐलानिया तौर पर गाना गाने के मूड में होगा तो क्या गाएगा।

 
विज्ञापन

5 of 9
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
गीतकार के तौर पर इरशाद कामिल ने सिचुएशन और मूड दोनों को सही पकड़ा है। लेकिन यही बात संगीत में मिसिंग है। चमड़े वाली ढोलक की थाप एक्ट्रसेलिक से मढ़ी ढोलक नहीं निकाल सकती। हारमोनियम मिसिंग है। खड़ताल मिसिंग है और इकतारा भी मिसिंग है। 

 
विज्ञापन

6 of 9
zero - फोटो : Screengrab
मंगलवार को रिलीज हुए फिल्म 'जीरो' के गाने 'इशकबाजी..' में शाहरुख खान का डांस दमदार कहा जा सकता है। यहां वह सलमान खान को जवाबी टक्कर देते नजर आ रहे हैं।

 
विज्ञापन

7 of 9
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
गाने में गणेश आचार्य की झलक है। बउआ सिंह का बेहतरीन मेरठिया अंदाज है, ड्रामा और धूम-धड़ाका है लेकिन बस एक मेरठिया गाने की खनक गाने में कहीं छूट सी गई है।

 

8 of 9
Zero Song Issaqbaazi
निर्देशक आनंद एल राय हिंदी पट्टी के किरदारों को बहुत ही अच्छी तरह पकड़ते हैं पर बउआ सिंह का सुर ताल पकड़ने में अजय-अतुल ने आनंद जैसी मेहनत नहीं की है। यही कारण है कि गाने में पश्चिम का वो रस कहीं नजर नही आता है। 
विज्ञापन

9 of 9
zero - फोटो : social media
फिल्म के पहले गाने 'जब तक जहां में मेरा नाम है....' को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। खैर अभी फिल्म के दो ही गाने रिलीज हुए हैं। आगे गीतकार अपना क्या हुनर दिखाएंगे इसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। फिल्म के लिए दर्शक काफी उत्साहित हैं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें