दादा कोंडके
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दादा कोंडके का असली नाम कृष्णा कोंडके था। उनका बचपन गरीबी में बीता। वो अपने दोस्तों के साथ छोटी मोटी गुंडागर्दी किया करते थे। दादा ने एक बार कहा था कि वो ईंट, पत्थर, बोतल का इस्तेमाल अपने झगड़ों में करते थे। राजनीति से दादा को बहुत लगाव था इसलिए वो इसमें भी खूब दखलंदाजी रखते थे। मराठियों के अधिकारों के लिए वो शिवसेना से जुड़े। शिवसेना की रैलियों में कोंडके भीड़ जुटाने का काम करते थे। इसके साथ ही अपने प्रतिद्वांदियों पर जमकर हमला भी बोलते थे।