फिल्म सत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जब शेखर कपूर ने कहा, रामू ठग है
राम गोपाल वर्मा निर्देशित ‘सत्या’ को और गहराई से समझना हो तो उनका वह बयान जरूर पढ़ना चाहिए जो उन्होंने फिल्म ‘दिल से’ के बाद दिया था। मणिरत्नम की शाहरुख खान और मनीषा कोइराला स्टारर फिल्म ‘दिल से’ बनाने के लिए भारतीय सिनेमा के तीन दिग्गजों मणिरत्नम, शेखर कपूर और रामगोपाल वर्मा ने एक कंपनी बनाई थी, इंडिया टॉकीज। इरादा था भाषा और प्रांत की सरहदों को मिटाकर अच्छा भारतीय सिनेमा बनाना। पैन इंडिया फिल्में बनाने की तरफ ये एक बड़ा कदम था। इस कंपनी की फिल्मों में हर भाषा के कलाकार होने थी और कहानी ऐसी हो जो विदेश में भारतीय सिनेमा का समेकित प्रतिनिधित्व कर सके। पर पहली फिल्म के बाद ही तीनों की आपस में पटरी नहीं बैठ सकी। रामगोपाल वर्मा ने तब कहा था, ‘शेखर एक काबिल फिल्म निर्देशक हैं और मणि को सिनेमा के सौंदर्य शास्त्र का बढ़िया ज्ञान हैं। लेकिन, मणि को मेरी फिल्मों से नफरत है और उन्हें लगता है कि मैं बिगड़ चुका हूं। और, शेखर को लगता है कि मैं ठग हूं। तो ये मेल फिर होने से रहा।’