मनोज बाजपेयी
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नेशनल फिल्म अवॉर्ड विनर ने आगे कहा कि कुछ लोग उनके लुक्स पर कमेंट करते थे, कभी-कभी तो उनके चेहरे पर भी। उन्होंने कहा- 'चेहरे पे ही बोल देते थे। वैसे अच्छा हुआ बोल देते थे, मौका नहीं दिया कि सोचूं के कभी बड़ा हीरो बनूंगा। लोग कमेंट करते थे कि आप न तो हीरो लगते हैं और न ही विलेन, इसलिए फिल्मों में हमेशा मुझे विलेन के सहयोगी के रूप में रखते थे, यहां तक कि हीरो के दोस्त के रूप में भी नहीं रखा जाता था।'