महेश बाबू
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रटकर बोलते हैं डायलॉग
बता दें कि महेश बाबू का बचपन मद्रास में अपनी नानी के पास बीता। उन्होंने चेन्नई के लोयोला कॉलेज से कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया। ग्रेजुएशन के बाद एक्टिंग के प्रशिक्षण के लिए महेश बाबू निर्देशक एल सत्यानंद से मिले और तीन-चार महीने तक इनकी ट्रेनिंग चली। दिलचस्प बात यह है कि इन्हें तेलुगू पढ़नी और लिखनी नहीं आती। वह अपने डायलॉग्स को रटकर याद करते हैं और फिर बोलते हैं। अपनी एक्टिंग के लिए यह आठ नंदी अवॉर्ड, पांच फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड, चार साउथ इंडियन इंटरनेशनल मूवी अवॉर्ड, तीन सिनेमा अवॉर्ड और एक आईफा उत्सव अवॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।