यश चोपड़ा
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
यश चोपड़ा के काम करने की शैली का जिक्र चलने पर महेन बताते हैं, ‘एक बार फिल्म शुरू हो जाए तो फिर उनको कुछ और सूझता नहीं था। वह कलाकारों को हर सीन पूरा करके दिखाते थे और कई बात तो इतना बेहतरीन करके बताते थे कि हम लोगों को लगता कि ये ही शूट भी कर लेते तो कितना अच्छा रहता। उनका काम करने का तरीका ही बहुत भव्य होता था। सिनेमा उनके लिए जुनून था। जो काम उन्होंने आज से 50 साल पहले शुरू किया, उसे आज देखो तो भी वह विशाल नजर आता है। उनके सेट्स, उनकी लोकेशंस, उनकी तकनीक सब समय से आगे की बातें हैं।’