Nitish Bharadwaj
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टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए नीतीश भारद्वाज ने कहा, 'मैं अपने दोस्त मुकेश खन्ना से कहना चाहता हूं कि ऐसा हो सकता है कि नई पीढ़ी के बहुत से लोगों को हमारी संस्कृति, विरासत और साहित्य के बारे में पता ना हो। इसमें उनकी कोई गलती नहीं है। 1992 के बाद देश ने कई परिवर्तन देखें। ऐसे में सभी के बीच करियर आगे बढ़ाने की होड़ लग गई। मुझे नहीं लगता ऐसे में उन बच्चों की कोई गलती है।'