समय के साथ हर चीज में बदलाव होता है। सिनेमा भी इस मामले में अपवाद नहीं है। हालांकि, किसी भी मुद्दे और उससे जुड़े दृश्यों को दिखाने की फिल्मों में अपनी सीमाएं होती हैं। सेंसर बोर्ड का अंकुश होता है। लेकिन, ओटीटी प्लेटफॉर्म के मामले में ऐसा नहीं है। इस प्लेटफॉर्म की आमद के बाद उन तमाम मुद्दों पर भी बात किए जाने की पहल हुई है, जिन पर मुख्यधारा का सिनेमा शायद झिझकता रहा है। इनमें लस्ट और फीमेल प्लेजर जैसे विषय शामिल हैं। इस बारे में हाल ही में अभिनेत्री काजोल ने खुलकर बात की।