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Lock Upp: फिनाले वॉरियर में हुआ शायरी युद्ध, शिवम ने साधा कैदियों पर निशाना, बोले-'सबसे ज्यादा सांप हम ही ने पाले हैं'

Thu, 21 Apr 2022 06:30 PM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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लॉकअप, शिवम शर्मा, मुनव्वर फारूकी - फोटो : insta
कंगना का शो लॉकअप ने फिनाले की तरफ बढ़ रहा है और खेल पहले से भी ज्यादा रोमांचक होता जा रहा है। सभी कैदी फिनाले में जगह बनाने के लिए जमकर दांवपेच खेलते नजर आ रहे हैं और टास्क जीतने की हर कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल हाल ही में शिवम शर्मा ने टास्क जीतकर लॉकअप फिनाले में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब एमएक्स प्लेयर की तरफ से जारी किए गए प्रोमो में फिनाले वॉरियर टास्क से पहले शिवम और मुनव्वर के बीच शायरी युद्ध देखने को मिला।
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करण कुंद्रा - फोटो : insta
फिनाले टास्क से पहले लॉकअप के जेलर करण कुंद्रा कहते हैं कि आपकी शायरी के बिना तो फिनाले वॉरियर टास्क शुरू होगा नहीं। इसके बाद कंगना के शो में शायरी की महफिल सज गई। जहां शिवम शर्मा अपने चिरपरिचित अंदाज में शायरी करते हैं और लॉकअप के कुछ कैदियों पर निशाना साधते हैं, तो वहीं मुनव्वर भी अपनी जबरदस्त शायरी से उन्हें कड़ी टक्कर देते नजर आए।
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लॉकअप, शिवम शर्मा, मुनव्वर फारूकी - फोटो : insta
शिवम अपनी शायरी पेश करते हुए कहते हैं, "मतलब के हैं यार दिलों के काले हैं, मौका मिलते ही सब डसने वाले हैं और किसमें कितना जहर है हमको है मालूम, सबसे ज्यादा सांप हम ही ने पाले हैं।" इसके बाद मुनव्वर भी अर्ज करते हैं और कहते हैं "अपने बचपन को मैं सिक्को में कहीं तोल आया...अपनी राहतों को पीछे कहीं छोड़ आया, खुशबू सबमे थी... मैं पहचानता नस्ल कैसे, गया फूल लेने कांटे सारे तोड़ लाया"।
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लॉक अप - फोटो : insta
इसके बाद मुनव्वर एक और शायरी सुनाते हैं और कहते हैं, "सर पर थी जिम्मेदारी, ख्वाहिशों को अपनी मारा, जताते क्या के सब, तो लिया न सहारा, मानता हूं मैं हारा हूं हजारों जंग, खुदा गवाह है मैं एक बार भी नहीं हिम्मत हारा"। इसके बाद बारी थी शिवम की और फिर वह कहते हैं, "खुशबू बनकर गुलों से उड़ा करते हैं, धुआं बनकर पर्वतों से उड़ा करते हैं, ये कैंचियां खाक हमें उड़ने से रोकेगी जनाब, हम पंखों से नहीं हौसलों से उड़ा करते हैं"। फिलहाल दोनों की शायरी ने समां बांध दिया और सभी कैदियों के चेहरे पर मुस्कान आ गई।
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