सुभाष घई
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जब कोई तुम्हारा हृदय तोड़ दे गीत को लेकर आनंदजी बताते हैं, "इस गीत को लेकर मनोज कुमार ने हमसे कहा, यहा नायक अकेले में यह गीत गा रहा है। इसलिए यहा बहुत कम साज का इस्तेमाल कीजिए। हमने ऐसा ही किया सिर्फ तीन यंत्र रखे लेकिन जब हम रिकॉर्डिंग कर रहे थे तो हमको अजीब-सा लगता था क्योंकि हम अपने संगीत में बड़े ऑर्केस्ट्रा का इस्तेमाल करने के अभ्यस्त थे। इसके चलते इस गीत को हमको 40 बार रिकॉर्ड करना पड़ा तब जाकर वह गाना बना जो मनोज कुमार चाहते थे, हम चाहते थे।" मनोज कुमार, अर्जुन हिंगोरानी और मनमोहन देसाई के अलावा प्रकाश मेहरा, सुभाष घई, फिरोज खान, चंद्रा बारोट और सुलतान अहमद जैसे अन्य कई निर्देशकों ने भी अपनी पहली फिल्म कल्याणजी-आनंदजी के साथ की। इनमें प्रकाश मेहरा के साथ तो उनकी पहली फिल्म 'हसीना मान जाएगी' से 'जंजीर', 'हाथ की सफाई', 'हेराफेरी', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'लावारिस' जैसी सुपर हिट फिल्मों के साथ 'घुंघरू', 'ईमानदार' और 'जादूगर' जैसी वे फिल्में भी हैं जो चल नहीं सकीं। लेकिन मेहरा की दूसरी फिल्मों में 'वादा करले साजना', 'मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है' जैसे सदाबहार गीत हैं। उधर, 'मुकद्दर का सिकंदर' के तो लगभग सभी गीत सुपर हिट रहे। 'रोते हुए आते हैं सब', 'दिल तो है दिल', 'सलाम ए इश्क मेरी जान जरा कुबूल कर लो', 'प्यार जिंदगी है' और 'ओ साथी रे तेरे बिना क्या जीना।'