khesari lal yadav
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स्थानीय खबरों के अनुसार, मरीजों के परिजनों को इससे परेशानी हुई। उनका कहना था कि सहानुभूति और आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिल रहा। वहीं, कुछ माता-पिता अपने बच्चे की हालत में सुधार नहीं आने से चिंतित थे। बता दें सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है जिसमें बिहार में चमकी बुखार से हो रही मौतों के मामले में मेडिकल एक्सपर्ट टीम गठित करने की गुहार लगाई गई है।