फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

12 लोगों के साथ एक फ्लैट में रहते थे कार्तिक आर्यन, बिना ऑडिशन के ही लौटा दिया जाता था

Wed, 04 Dec 2019 12:12 PM IST
भावना शर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
kartik aaryan - फोटो : social media
कार्तिक आर्यन बॉलीवुड में तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं । उन्होंने एक के बाद एक कई हिट फिल्में दी हैं । अब उनके पास कई ऑफर हैं । कार्तिक ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म 'प्यार का पंचनामा' से की थी । इसके बाद उनकी फिल्म 'प्यार का पंचनामा 2' आई । लेकिन कार्तिक को बड़ा ब्रेक फिल्म 'सोनू के टीटू की स्वीटी' के बाद मिला । 
विज्ञापन

2 of 7
कार्तिक आर्यन - फोटो : सोशल मीडिया
कार्तिक का फिल्म इंडस्ट्री में कोई गॉड फादर नहीं था । उन्होंने अपना सफर अकेले ही तय किया। उनका ये सफर आसान नहीं था। इस बात का खुलासा कार्तिक ने सोशल मीडिया ब्लॉग 'ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे' में किया है । इस ब्लॉग में कार्तिक आर्यन ने बताया कि कई बार उन्हें स्टूडियो के बाहर से ही बिना ऑडिशन दिये भेज दिया जाता था ।
विज्ञापन

3 of 7
Kartik Aaryan - फोटो : Social Media
कार्तिक आर्यन ने जो पोस्ट शेयर की है उसमें लिखा गया है, 'मेरा जन्म ग्वालियर में हुआ था । माता-पिता मेडिकल फील्ड में थे और मैं इंजीनियरिंग करने जा रहा था । लेकिन नौंवी कक्षा में, मैंने बाजीगर देखी और मैं जानता था कि मैं स्क्रीन के दूसरी तरफ रहना चाहता हूं ।'

 

4 of 7
kartik aaryan - फोटो : social media
'मुझे अपने माता-पिता के रिएक्शन के बारे में नहीं मालूम था, इसलिए मैंने तय किया कि मैं 12वीं तक ग्वालियर में पढ़ूंगा और कॉलेज के लिए मुंबई जाऊंगा । किस्मत से मुझे नवी मुंबई में कॉलेज मिल गया और मैंने वहां होस्टल में रहना शुरू कर दिया । मेरे पास एक्टिंग लाइन से जुड़े कोई कॉन्टेक्ट्स नहीं थे, इसलिए मैं फेसबुक पर 'एक्टर नीडेड' कीवर्ड्कस टाइप करता था ।'
विज्ञापन

5 of 7
Kartik Aaryan - फोटो : instagram
'मैं ऑडिशन के लिए हफ्ते में तीन-चार दिन करीब 6 घंटे के लिए सफर करता था । उस समय मैं स्टूडियो के बाहर से ही रिजेक्ट हो जाता था । इसके बाद भी मुझे आशा थी । जल्द ही मुझे कुछ सैकेंड्स के ऐड मिलने लगे । उस मौके पर मैंने 12 लोगों के साथ अंधेरी में फ्लैट लिया । मेरे पास सीमित पैसे होते थे, इनसे मैं अपना फोटोशूट भी नहीं करवा सकता था । इसलिए मैं एजेंट्स को ग्रुप फोटो में से अपनी तस्वीर क्रॉप करके भेजता था ।'
विज्ञापन

6 of 7
kartik aaryan - फोटो : social media
'कई बार मैंने इन ऑडिशन के लिए अपना कॉलेज भी बंक किया और मेरे माता पिता को इस बारे में कुछ नहीं पता था । एक बार मैंने फिल्म ऑडिशन का विज्ञापन देखा और वहां जाने के बारे में सोचा । ऑडिशन में मैं उन्हें पसंद आया और उन्होंने कई बार मेरा ऑडिशन लिया । जब मुझे रोल मिला तो मैंने अपनी मां के पास कॉल की, उन्हें इन सब पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं हुआ । 
 

दीपिका पादुकोण ने किया खुलासा, आखिरी बार श्रीदेवी से इस परेशानी के बारे में हुई थी बात

विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
Kartik Aaryan - फोटो : instagram
करीब ढाई सालों के संघर्ष के बाद मुझे अपना सपना सच होता दिखा । 'प्यार का पंचनामा' के बाद मेरे पास ज्यादा उपलब्धियां नहीं थीं । मेरी मम्मी अड़ी थीं कि मैं अपनी डिग्री पूरी कर लूं । मैंने एग्जाम दिए और हॉल में बैठे लोग मेरी फोटो खींचने लगे । 'सोनू के टीटू की स्वीटी' के बाद यह सब बदल गया । जब मैं ग्वालियर गया तो मुझे मेरे स्कूल में चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाया गया और बच्चे मेरा नाम ले रहे थे, लेकिन आज जो मेरे पास है, वह नहीं होता अगर मैंने विश्वास न किया होता । मुझे गर्व है कि मैं इस समय कहां हूं ।' 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें