पूजा बेदी
उन्होंने आगे कहा कि, 'यह देखना दुखद है कि औरतें उनकी रक्षा के लिए बनाये कानूनों को इस्तेमाल पुरुषों को प्रताड़ित करने के लिए करती हैं। अगर वो हम दोस्तों और वकीलों के बीच हुई प्राइवेट चैट्स को रेफर कर रही हैं तो मुझे लगता है कि यह फिजूल है। यहां करण पीड़ित है। वो महिला है, इसका मतलब यह नहीं कि वो सही ही होगी। हम सबको केस की पूरी जानकारी है।'