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इस वजह से बिकने जा रहा 70 साल पुराना RK Studio, ऋषि कपूर ने कहा- 'सोच समझकर लिया फैसला'

Mon, 27 Aug 2018 04:06 PM IST
अमर उजाला
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आरके स्टूडियो
हिंदी फिल्मों के दशकों का इतिहास खुद में समेटे मशहूर आरके स्टूडियो अब खुद ही इतिहास बनने जा रहा है। कपूर परिवार ने 70 साल पुराने इस स्टूडियो को बेचने का फैसला कर लिया है। परिवार का कहना है कि पिछले साल आग लगने के बाद इसका पुनर्निर्माण कराना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं है। इस स्टूडियो में बनी आखिरी फिल्म थी ‘आ अब लौट चलें।’
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आरके स्टूडियो - फोटो : File pic
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता राज कपूर ने मुंबई के चेंबूर में 1948 में इस स्टूडियो की स्थापना की थी। यह स्टूडियो कपूर परिवार द्वारा निर्मित कई फिल्मों का गवाह रहा है। पिछले साल 16 सितंबर को सुपर डांसर शो के दौरान इसमें आग लग गई थी हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था।
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rishi kapoor
ऋषि कपूर ने नई तकनीक के साथ इसके पुनर्निर्माण की इच्छा जाहिर की थी लेकिन उनके बड़े भाई रणधीर कपूर ने कहा कि यह व्यावहारिक नहीं होगा। रणधीर कपूर ने कहा कि हां हमने आरके स्टूडियो को बेचने का फैसला किया है। यह अब बिक्री के लिए है। 

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आर.के.स्टूडियो लोगो
स्टूडियो बेचने के पीछे एक बड़ी वजह ये भी है कि ईस्टर्न मुंबई में बना ये स्टूडियो अब फिल्मकारों की पसंद नहीं रहा। ज्यादातर लोग अब अंधेरी और गोरेगांव में शूटिंग करना पसंद करते हैं। ऐसे कई कारण हैं जो अब पूरे कपूर परिवार ने इस प्रसिद्ध आरके स्टूडियो को बचने का फैसला किया है।
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ऋषि कपूर - फोटो : self
ऋषि कपूर ने कहा कि हमने अपने दिलों पर पत्थर रखकर और सोच-समझकर यह फैसला लिया है। हम सभी भाई एक-दूसरे से काफी जुड़े हैं लेकिन हमारे बच्चे और पोते क्या ऐसा कर पाएंगे? हम नहीं चाहते कि हमारे पिता के प्यार की निशानी किसी कोर्ट रूप का ड्रामा बने।
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AA Ab Laut Chalen, Raj Kapoor - फोटो : RK Studio
आरके बैनर तले 'आग', 'बरसात', 'आवारा', 'श्री 420', 'जिस देश में गंगा बहती है', 'मेरा नाम जोकर', 'बॉबी', 'सत्यम शिवम सुंदरम', 'राम तेरी गंगा मैली' जैसी सुपरहिट फिल्में बनी थीं। इस बैनर की आखिरी फिल्म ऋषि कपूर निर्देशित 'आ अब लौट चले' थी। राज कपूर का 1988 में जब निधन हुआ था, तो उनके बड़े बेटे रणधीर कपूर ने इसका जिम्मा संभाला। इसके बाद उनके भाई राजीव कपूर ने यहीं 'प्रेम ग्रंथ' का निर्देशन किया था।
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