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Manikarnika: भारतीय दूतावास ने किया कंगना की फिल्म 'मणिकर्णिका' की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन, रानी लक्ष्मीबाई की देशभक्ति को दिखाती है ये फिल्म

Sun, 19 Dec 2021 02:19 PM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के उपलक्ष्य में भारतीय दूतावास की तरफ से कंगना रनौत की फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस फिल्म में कंगना ने रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका निभाई है। फिल्म में कंगना का अभिनय बेहद ही दमदार है। ये फिल्म रानी लक्ष्मीबाई की देशभक्ति और बहुदरी की दांस्तान बयां करती है। फिल्म 'मणिकर्णिका' रानी लक्ष्मीबाई के साहस, शक्ति और शौर्य को दिखाती है। भारतीय दूतावास की तरफ से आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में फिल्म मणिकर्णिका की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन जी स्टूजियोज के सहयोग से किया गया।
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कंगना के लिए ये दूसरा सबसे अहम मौका है जब उनकी फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी की विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया है। रिलीज होने से पहले भी राष्ट्रपति भवन में कंगना की फिल्म मणिकर्णिका की विशेष स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इस दौरान वहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी मौजूद थे। इसके साथ ही अभिनेत्री कंगना रनौत, प्रसून जोशी और फिल्म की दूसरी स्टारकास्ट ने भी राष्ट्रपति के साथ स्क्रीनिंग में शामिल हुई थी। फिल्म के बाद राष्ट्रपति कोविंद ने कंगना रनौत को सम्मानित भी किया था।
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मणिकर्णिका - फोटो : मणिकर्णिका
फिल्म 'मणिकर्णिका द क्वीन ऑफ झांसी' में कंगना रनौत ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका निभाई है। इस फिल्म में झांसी की रानी का किरदार निभाने के लिए कंगना रनौत ने खास ट्रेनिंग ली थी। इस फिल्म हिंदी और तेलगु भाषा में रिलीज किया गया था।
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1857
भारत के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है 1857 की क्रांति
भारत की आजादी में 1857 की क्रांति को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भारतीय इतिहास में आजादी के लिए शुरु किया गया पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है। सबसे पहले 10 मई 1857ई. में मेरठ से प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई थी जिसके बाद धीरे-धीरे अन्य जगहों पर भी स्वतंत्रता की अलख जगने लगी थी। 
 
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