कमल हासन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
भारतीय सिनेमा की कामयाबी
हिंदी सिनेमा में अपनी ओरीजनल फिल्मों ‘एक दूजे के लिए’, ‘सदमा’ और ‘गिरफ्तार’ से शोहरत पाने वाले कमल हासन की डब फिल्मों मसलन ‘हिंदुस्तानी’ और ‘चाची 420’ ने भी हिंदी में खूब सफलता पाई। हिंदी सिनेमा से अपने प्रेम को कमल हासन ने ‘मुगल ए आजम’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों से जोड़ा। कमल हासन कहते हैं, ‘लोग कहते हैं कि साउथ की फिल्में सफल हो रही है। लेकिन मुझे लगता है कि ये हॉलीवुड सिनेमा के मुकाबले एक भारतीय फिल्म कामयाब हो रही है। भव्य और विशाल फिल्में कैसे बनती हैं, ये हमने ‘मुगल ए आजम’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों से सीखा। पहले तो हम ऐसी फिल्में बनाने की सोचते भी नहीं थे। हमें लगता था कि हम ऐसी फिल्में कैसे बना सकते हैं!’