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'महल' की कामयाबी ने कमाल अमरोही को बनाया सुपरस्टार, लेकिन अधूरा रह गया 'अंतिम मुगल' का ख्वाब

Mon, 11 Feb 2019 07:34 AM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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कमाल अमरोही
उत्तरप्रदेश के अमरोहा से आने वाले कमाल अमरोही ने फिल्मों की कहानी लिखी, गाने लिखे और फिल्में डायरेक्ट भी कीं। इन सब के अलावा कमाल साहब अगर किसी बात को लेकर चर्चा में रहे तो वो थी उनकी निजी जिंदगी। 17 जनवरी 1918 को जन्मे कमाल 11 फरवरी 1993 को इस दुनिया को अलविदा कह गये। नब्बे के दशक में कमाल अमरोही ‘अंतिम मुगल’ नाम से एक फिल्म बनाना चाहते थे लेकिन उनका यह ख्वाब हकीकत में नहीं बदल पाया। कमाल अमरोही के पूरे करियर के दौरान ये बात साफ देखने को मिली कि उन्होंने जो भी किया, तबियत से किया, पूरे इत्मीनान से किया और ख़र्चे की परवाह नहीं की। पढ़ते हैं उनकी जिंदगी से ज़ुड़े कुछ किस्से।
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kamal amrohi
कमाल अमरोही ने बेहद चुनिंदा फिल्मों के लिए काम किया लेकिन जो भी काम किया पूरी तबीयत और जुनून के साथ किया। निजी जिंदगी में अपने लव अफेयर को लेकर कमाल साहब छाए रहे। अपने जमाने की बेहतरीन और बला की खूबसूरत अदाकारा मीना कुमारी के साथ उनकी मोहब्ब्त, फिर शादी और फिर जुदाई की खबरों ने सुर्खियां बंटोरी। 
 
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कमाल अमरोही
कमाल साहब और मीना कुमारी की लव स्टोरी बेहद दिलचस्प थी। कमाल मीना कुमारी को जिस फिल्म के लिए साइन किया, वह तो कभी नहीं बन पाई। कमाल मीना के साथ कुछ मुलाकातों के बाद ही उन्हें दिल दे बैठे थे वह मीना से शादी करना चाहते थे लेकिन पहले से ही शादीशुदा होने की वजह से कमाल ने मीना से चोरीछुपे निकाह किया।
 

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कमाल अमरोही
मीना कमाल अमरोही की पत्नी बनकर अमरोहा आईं भी मगर पति के घर नहीं गईं। कमाल अमरोही से शादी के पांच साल बाद 1958 में मीरा अमरोहा आई थीं लेकिन दूर से ही अपने ससुराल का दीदार किया और दरगाह पर चादर चढ़ाकर वापस लौट गईं। 
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मीना कुमारी
कमाल अमरोही और मीना कुमारी भले ही पति और पत्नी के रूप में एक दूसरे से अलग रहे हों, लेकिन अभिनेत्री के तौर पर वो हमेशा कमाल अमरोही की फिल्मों में काम करने के लिए उपलब्ध थीं। यही वजह है कि अमरोही से 5 सालों तक अलग रहने के बावजूद उन्होंने उनकी फिल्म 'पाकीजा' की शूटिंग पूरी करने का फैसला किया। पाकीजा 1972 में 6 गानों के साथ रिलीज हुई। फिल्म के म्यूजिक ने इतिहास बनाया। मगर उस साल बेस्ट म्यूजिक का फिल्म फेयर 'बेईमान' फिल्म के लिए शंकर-जयकिशन को मिला। इस फैसले से बेईमान में विलेन का रोल करने वाले प्राण इतना नाराज हुए कि उन्होंने 'बेईमान' के लिए मिला अपना अवॉर्ड वापस कर दिया।
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मीना कुमारी
भारत की पहली हॉरर फिल्म के रूप में मशहूर हुई 'महल' की कामयाबी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के अमरोहा से आए कमाल अमरोही को रातों रात सुपर स्टार का दर्जा दे दिया। 'महल' फिल्म के कुछ संवाद तो आज भी लोगों की जुबां पर मौजूद होंगे- 'मुझे जरा होश में आने दो, मैं खामोश रहना चाहता हूं...' या 'फिर स्लो पॉयजन अक्सर मीठे होते हैं और धोखे अक्सर हसीन होते हैं...'
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