फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaho Naa Pyaar Hai: 'कहो ना प्यार है' के 25 साल पूरे, जानिए क्या कहते हैं ऋतिक रोशन की फिल्म के पहले दर्शक

Tue, 14 Jan 2025 11:45 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

25 Years Of Kaho Naa Pyaar Hai: ऋतिक रोशन की डेब्यू फिल्म 'कहो ना प्यार है' की रिलीज को आज ढाई दशक बीत गए। इस मौके पर उनकी फिल्म के पहले दर्शकों से बात की गई। यानी वे लोग जिन्होंने बचपन या किशोर उम्र में ये फिल्म देखी। आज फिल्म से जुड़ी उनकी क्या यादें हैं? जानते हैं
विज्ञापन
1 of 8
कहो ना प्यार है - फोटो : अमर उजाला
'कहो ना प्यार है' साल 2000 में रिलीज हुई। राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक रोशन को इस फिल्म के जरिए लॉन्च किया। और अभिनेता का आगाज धमाकेदार अंदाज में हुआ। कहा जाता है कि जो दीवानगी कभी देवआनंद और राजेश खन्ना जैसे सितारों को लेकर रहा करती थी, कुछ वैसी ही दीवानगी लड़कियों के बीच ऋतिक रोशन को लेकर देखी गई। उन्हें शादी के प्रपोजल मिले। रिपोर्ट्स के मुताबिक खून से लिखे खत भी मिले। कोई उनके डांस का दीवाना हो गया तो कोई स्मार्टनेस का। मगर, उस दौर के वे बच्चे और किशोर जो अब बड़े हो चुके हैं। इस फिल्म को देखने के उनके क्या अनुभव और यादें हैं? जानते हैं

25 Years of KNPH: ‘कहो ना प्यार है’ की मेकिंग के दिलचस्प किस्से, जानिए लकी अली को कैसे मिला पहला ब्रेक
विज्ञापन

2 of 8
कहो ना प्यार है - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
यादों में बस गया फिल्म का ये सीन
मूल रूप से कानपुर की रहने वाली और अब दिल्ली में नौकरी कर रहीं दीपाली पोरवाल बताती हैं, 'कहो ना प्यार है' की रिलीज के वक्त मैं 7 या 8 साल की थी तो जाहिर है कि फर्स्ट डे, फर्स्ट शो जैसा कोई क्रेज नहीं रहा होगा। हालांकि जब भी देखी थी, तभी यह उस समय की फेवरिट फिल्मों वाली लिस्ट में आ गई थी। काजोल-शाहरुख खान की एवरग्रीन जोड़ी के बीच ऋतिक रोशन और अमीषा पटेल की जोड़ी ताजी हवा के झोंके जैसी थी। कार में बैठकर लिपस्टिक लगाती अमीषा और बगल में साइकिल पर ऋतिक वाला सीन आज भी बहुत अच्छी तरह से याद है। कम उम्र में भी यह जोड़ी बहुत प्रॉमिसिंग लगी थी, इसके गाने जुबां पर चढ़ गए और मन एक ऐसी अदद प्रेम कहानी के ख्वाब बुनने लगा था। फिल्म में दोस्ती, प्यार, परिवार, खूबसूरत लोकेशन, एक्शन, रिश्तों की उलझनें.. सब कुछ था। ठीक से तो याद नहीं लेकिन अगले कई सालों तक जब भी यह फिल्म टीवी पर आई थी, मैंने इसे हमेशा देखा था.. और इसका लीड गाना तो आज इतने साल गुजर जाने के बाद भी बिल्कुल नया सा लगता है'।
Hrithik-Rakesh Roshan Films: पिता-बेटे ने साथ में दी कई हिट फिल्में, बॉक्स ऑफिस पर एक को मिली असफलता
विज्ञापन

3 of 8
फिल्म 'कहो ना प्यार है' के एक सीन में ऋतिक-अमीषा पटेल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
ऋतिक को देखकर तय किया करियर
दिल्ली की सुप्रिया श्रीवास्तव बताती हैं, 'जब ये फिल्म आई तो मैं 12 साल की थी और सातवीं क्लास में पढ़ती थी। फिल्म मुझे बहुत अच्छी लगी और ऋतिक रोशन की तो दीवानी हो गई थी। फिर यहीं से मेरे जर्नलिस्ट बनने के सपने की शुरुआत भी हुई। उस दौर में सोशल मीडिया नहीं होता ता। न्यूज पेपर, मैगजीन और न्यूज चैनल हर जगह ऋतिक रोशन के इंटरव्यू आते थे। मुझे हमेशा से लगता था कि मुझे ऋतिक से मिलना है। मैं भीड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहती थी। जब ऋतिक के इंटरव्यू देखे तो लगा कि ये लोग डायरेक्ट उनसे बात कर रहे हैं, यही रास्ता ठीक है। फिर न्यूज पेपर में उनके बारे में पढ़ने लगे। फिर मास कॉम का कोर्स किया और जर्नलिज्म में आ गए। हालांकि, बड़े होते-होते बचपन का सपना तो कहीं खो गया, लेकिन यादें आज भी ताजा हैं। 

Hrithik Roshan: बचपन में हकलाने की समस्या, 21 की उम्र में गंभीर बीमारी, चुनौतियों से पार पाकर बने सुपरस्टार

4 of 8
कहो ना प्यार है - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
रोहित की मौत पर फूट-फूटकर आया रोना
उत्तर प्रदेश के खुर्जा की रहने वाली कुलदीपिका शर्मा बताती हैं कि इस फिल्म की रिलीज के वक्त उनकी उम्र सात साल थी। वह बताती हैं कि यह फिल्म उन्होंने घर पर वीसीआर (वीडियो कैसेट रिकॉर्डर) पर देखी थी। फिल्म में जब रोहित (ऋतिक रोशन) की मौत हुई तो वे भी रोने लगी थीं। अमीषा पटेल को रोता देख रोना आ गया था। वहीं, मूल रूप से शिमला की रहने वाली स्मृति शर्मा बताती हैं कि यह उनकी पहली फिल्म है, जो उन्होंने सिनेमाघर में अपने माता-पिता के साथ देखी। स्मृति कहती हैं, 'मैंने चंडीगढ़ में बत्रा थिएटर में अपने मम्मी पापा के साथ यह फिल्म देखी थी। यह थिएटर में मेरी पहली पिक्चर थी'। 
विज्ञापन

5 of 8
कहो ना प्यार है - फोटो : सोशल मीडिया
रोहित की मौत के बाद उसके छोटे भाई की होने लगी चिंता
उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा की रहने वाली शालिनी गौर ने भी अपना अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया, 'मैंने हॉल में तो नहीं देखी थी ये फिल्म, बल्कि रिलीज के चार-पांच साल बाद टेलीविजन पर ही देखी। इस फिल्म में जब रोहित ( ऋतिक रोशन) की मौते के बाद उसका भाई अमित सदमे में चला जाता है, वो सीन देखकर बहुत रोना आया था। कई दिनों तक ऐसा लगा जैसे सच में मेरे सामने ऐसा हुआ है और मुझे अमित की चिंता होने लगी। घर वालों ने समाझाया कि ये फिल्म है'।
विज्ञापन

6 of 8
कहो ना प्यार है - फोटो : सोशल मीडिया
अमीषा का कार से उतर साइकिल पर सवार होने वाला सीन आज भी याद है
नई दिल्ली के रहने वाले उदय भान भी इस फिल्म से जुड़ा अनुभव साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि उस वक्त वे 18 वर्ष के थे। वे कहते हैं, 'मैंने यह फिल्म नई दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित थिएटर, अल्पना सिनेमा में देखी। हालांकि, अब तो यह सिनेमाहॉल ही बंद हो चुका है, लेकिन फिल्म की यादें ताजा हैं। खासकर अपनी महंगी कार से उतरकर ऋतिक की साइकिल पर बैठ जाने वाला सीन तो आज भी आंखों में कैद है'। 
Kaho Naa Pyaar Hai: ऋतिक रोशन ने फिल्म के लिए की थी जमकर तैयारी, अभिनेता ने साझा किए 27 साल पुराने नोट्स
विज्ञापन

7 of 8
फिल्म 'कहो ना प्यार है' के एक सीन में ऋतिक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
केबिल कनेक्शन वाले की महेरबानी से देख पाए फिल्म
बिहार के भागलपुर की रहने वाली ऋतु पांडे ने बताता हैं, 'जब यह फिल्म आई तब हम स्कूल में पढ़ते थे। मैं सातवीं या आठवीं में थी। मम्मी पापा टीवी और फिल्में देखने नहीं देते थे। लेकिन, जब ये फिल्म आई तो ऋतिक रोशन का बहुत क्रेज था। हर तरफ उसी की बात होती। हम स्कूल में जाते तो वहां भी बच्चे इस मूवी पर चर्चा करते। खैर, हमारे पेरेंट्स थिएटर में ये फिल्म दिखाने नहीं ले गए, न हम भाई-बहनों को जाने दिया। लेकिन, एक दिन केबल कनेक्शन वाले ने इस फिल्म को लगा दिया और हमें यह फिल्म देखने का मौका मिला। फिल्म की चर्चा इतनी थी कि मम्मी-पापा ने भी देखने दी। फिल्म का असर कई दिनों तक रहा। वो सीन अभी तक याद है, जब राज (ऋतिक रोशन) एयरपोर्ट से बाहर आता है और उस पर गोलियां चलाई जाने लगती हैं और वो समझ ही नहीं पाता कि क्या हो रहा है'। अब भी कभी टीवी पर जब ये फिल्म आती है तो हम ये फिल्म देखते हैं, और यह सोचकर हंसी भी आती है कि हमने कितनी मुश्किलों से यह फिल्म देखी थी। 
विज्ञापन

8 of 8
कहो ना प्यार है - फोटो : सोशल मीडिया
ऋतिक के पोस्टर वाली कॉपियां और रजिस्टर खूब खरीदे 
यूपी के अलीगढ़ की रहने वाली रुक्मड़ी पुण्ढीर बताती हैं, 'मैंने यह फिल्म घर पर सीडी पर ही देखी थी। और इसे देखने के बाद ऐसा लगा कि अभी और कितनी बार ही इस फिल्म को देख लें। फिल्म तो अच्छी लगी है। फिल्म से अलग एक और याद है, जो इसी से जुड़ी है। उन दिनों हम स्कूल में थे। कहो ना प्यार है की रिलीज के बाद ऋतिक रोशन के पोस्टर वाली कॉपी और रजिस्टर आने लगे। उनके कवर पर ऋतिक की फोटो हुआ करती थी। मैंने वैसे कई रजिस्टर खरीद लिए थे। अब सोचकर हंसी आती है। अब मेरी शादी हो चुकी है और मेरे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। जब भी टीवी पर ये फिल्म आती है और बच्चे देखते हैं तो मुझे अपना समय याद आ जाता है।'।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें