फिल्म 'कहो ना प्यार है' के एक सीन में ऋतिक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
केबिल कनेक्शन वाले की महेरबानी से देख पाए फिल्म
बिहार के भागलपुर की रहने वाली ऋतु पांडे ने बताता हैं, 'जब यह फिल्म आई तब हम स्कूल में पढ़ते थे। मैं सातवीं या आठवीं में थी। मम्मी पापा टीवी और फिल्में देखने नहीं देते थे। लेकिन, जब ये फिल्म आई तो ऋतिक रोशन का बहुत क्रेज था। हर तरफ उसी की बात होती। हम स्कूल में जाते तो वहां भी बच्चे इस मूवी पर चर्चा करते। खैर, हमारे पेरेंट्स थिएटर में ये फिल्म दिखाने नहीं ले गए, न हम भाई-बहनों को जाने दिया। लेकिन, एक दिन केबल कनेक्शन वाले ने इस फिल्म को लगा दिया और हमें यह फिल्म देखने का मौका मिला। फिल्म की चर्चा इतनी थी कि मम्मी-पापा ने भी देखने दी। फिल्म का असर कई दिनों तक रहा। वो सीन अभी तक याद है, जब राज (ऋतिक रोशन) एयरपोर्ट से बाहर आता है और उस पर गोलियां चलाई जाने लगती हैं और वो समझ ही नहीं पाता कि क्या हो रहा है'। अब भी कभी टीवी पर जब ये फिल्म आती है तो हम ये फिल्म देखते हैं, और यह सोचकर हंसी भी आती है कि हमने कितनी मुश्किलों से यह फिल्म देखी थी।