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तंगहाली में घर के बर्तन बेचने को मजबूर हुआ ये संगीतकार, अब कबीर बेदी ने बढ़ाया मदद का हाथ

Tue, 17 Sep 2019 12:42 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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Vanraj Bhatia - फोटो : social media

इन दिनों तंगहाली में गुजर बसर कर रहे 92 साल के मशहूर संगीतकार वनराज भाटिया को अब कबीर बेदी का साथ मिल गया है। पिछले दिनों वनराज भाटिया ने इस बात का खुलासा किया था कि उन्हें अपने रोजमर्रा के खर्चों के लिए घर के बर्तन तक बेचने पड़ रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में वनराज भाटिया की मदद के लिए सबसे पहले एक्टर कबीर बेदी सामने आए हैं।

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kabir bedi
कबीर बेदी ने उनसे मुलाकात की जानकारी ट्विटर पर दी और लोगों से अपील की कि वह वनराज भाटिया से मिलें और मुश्किल वक्त में उनका साथ दें। कबीर बेदी ने लिखा, ''मैं कल वनराज भाटिया से मिला। वह बेहद जिंदादिल और कमाल के इंसान हैं लेकिन हां, हम सभी दोस्तों को इस वक्त उनकी मदद करनी चाहिए क्योंकि ये उनका मुश्किल समय है।''
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Vanraj Bhatia - फोटो : social media
कबीर बेदी के इस ट्वीट के बाद कई लोगों ने वनराज भाटिया की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। बता दें वनराज के पास डॉक्टर के पास जाने और दवा लेने तक के पैसे नहीं हैं। लगातार स्वास्थ्य खराब रहने की वजह से उनका संपर्क बाहरी दुनिया से कट चुका है और इन दिनों उन्हें मदद की सख्त जरूरत है। भाटिया वैसे तो कमर्शियल सिनेमा से दूर ही रहे लेकिन उन्होंने अमिताभ बच्चन की फिल्म अजूबा (1991) में काफी चर्चित संगीत दिया था।

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Vanraj Bhatia - फोटो : social media
भाटिया मुंबई के अपने घर में अकेले रहते हैं। छोटे-मोटे काम के लिए भी उन्हें मदद की जरुरत होती है। कभी पड़ोसी तो कभी किसी मददगार की बदौलत वह अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जीवन के इस पड़ाव पर वह अपनों से दूर हैं। वह अकेलेपन के इस कदर शिकार हो चुके हैं कि वह उम्मीद ही खो चुके हैं कि कोई उनकी सुध लेने भी आ सकता है। अपने घुटनों के दर्द से बेहद पीड़ित इस कालजयी संगीतकार को अब एक कमरे से दूसरे कमरे में जाने के लिए भी मदद की जरुरत होती है। सुनने में भी दिक्कत होती है साथ ही अब उनकी याददाश्त भी कमजोर हो रही है।
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vanrraj bhatia - फोटो : social media
भाटिया को उनके कुछ दोस्त, चाहने वाले और कुछ संस्थाएं वित्तीय रुप से मदद कर रही हैं ताकि वह आराम से अपना गुजर बसर कर सके, चिकित्सीय मदद मिल सके और घर का खर्चा और किराया निकल सके। लेकिन यह पैसा पूरी तरह से पर्याप्त नहीं है। भाटिया का खुद का कुछ निवेश था जो साल 2000 के आस-पास शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव में खत्म हो गया। भाटिया ने शादी नहीं की है। उनकी बहन अपने परिवार के साथ कनाडा में रहती हैं। शहर में उनके कुछ रिश्तेदार हैं जो उनकी मदद करते हैं। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अलावा वनराज संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। 
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