कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है
मौसम बेमिसाल, बेनजीर है
ये कश्मीर है, ये कश्मीर है
अमिताभ बच्चन-राखी अभिनीत फिल्म बेमिसाल (1982) के इस गीत की लाइनें जम्मू-कश्मीर की खूबसूरती को बयां करती हैं तो वहीं 'थ्री इडियट' के क्लाइमैक्स को कौन भूल सकता है, जहां फुनसुख वांगड़ू से मुलाकात होती है। ये लद्दाख की वादियों का नजारा था। बॉलीवुड ही नहीं, साऊथ की फिल्मों की शूटिंग के लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख फिल्म मेकर्स की पहली पसंद रही है। जंगली (1961), कश्मीर की कली (1964), बॉबी (1973) और लैला मजनू (2018) जैसी रोमांटिक फिल्मों में कश्मीर की खूबसूरत वादियों के बीच बेहद शानदार प्रेम कहानियों को दिखाया गया है। अब तक 49 फिल्मों की शूटिंग जम्मू-कश्मीर में हो चुकी है।
बॉलीवुड और जम्मू कश्मीर का हमेशा से गहरा नाता रहा है। कश्मीर की खूबसूरत वादियां हो या यहां के मुद्दे हो, फिल्मकारों को अपनी ओर खूब खींचा है। इसमें रोजा (1992), हैदर (2014), मिशन कश्मीर (2000), फितूर (2016), ओमेर्टा (2017) और राजी (2018) जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में जम्मू-कश्मीर में फैसले आतंकवाद, वहां की परिस्थितियों को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। हिंदी फिल्मों के अलावा जम्मू-कश्मीर में कई साउथ की फिल्में भी शूट हो चुकी हैं। इस में रमन तिदिया सेठई (1972),Sahasam (2013), रानी पद्मीनी (2015),थैरी (2016) और सव्यासाची (2018) जैसी फिल्में शामिल हैं।
कुछ ऐसी फिल्में भी है जिनकी शूटिंग जम्मू-कश्मीर में होने वाली है। इसमें आलिया भट्ट की फिल्म सड़क 2 अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म भी शामिल है। सिद्धार्थ मल्होत्रा की ये फिल्म कैप्टन विक्रम बत्रा की बायोपिक हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद फिल्मेकर्स की उम्मीदें जागी हैं कि अब उन्हें अपनी फिल्मों की शूटिंग करने के लिए ज्यादा मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।