जावेद जाफरी
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जावेद जाफरी ने नोट में आगे लिखा, 'छोटी फैक्ट्रियों में काम करने से लेकर पतंग बनाने तक, साबुन बेचने और एक मालिशवाले के साथ उसके तेल का डब्बा थामकर 'मालिश तेल मालिश' चिल्लाने तक। 10 साल की उम्र में उनकी मंजिल ने उन्हें सिनेमा से मिलवाया, तब मानों अंधेरी गुफा में रोशनी मिल गई हो। उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत बीआर चोपड़ा साहब की फिल्म 'अफसाना' (49 में शूट हुई लेकिन 51 में रिलीज हुई) से शुरू की थी जो आगे कई मीलों तक चली। बिल रॉय, गुरु दत्त, महबूब खान और के. आसिफ उनके आदर्श थे। हिंदी सिनेमा के सबसे स्वाभाविक कलाकार से लेकर एक संवेदनशील व्यक्ति और एक कमाल की टाइमिंग के हास्य कलाकार होने तक, उन्होंने कभी भी मनोरंजन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।'