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पहली फिल्म की सफलता ही जावेद जाफरी के लिए बनी सबसे बड़ी मुसीबत, फिर टीवी से मचाई थी धूम

Sat, 02 Jan 2021 05:40 PM IST
विजयाश्री गौर बीबीसी हिंदी
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जावेद जाफरी
बॉलीवुड स्टार्स को एक्टिंग तो जबरदस्त आती है, लेकिन अपनी फील्ड में ऑलराउंडर होना सबके बस की बात नहीं होती। इस लिस्ट में एक्टर जावेद जॉफरी का नाम शामिल है जो एक एक्टर होने के साथ-साथ डांसर, कॉमेडियन और वॉयस आर्टिस्ट के रूप में भी जाने जाते हैं। जावेद ने 'ओह डार्लिंग ये है इंडिया', 'जजंतरम ममंतरम', 'सलाम -नमस्ते', 'धमाल सीरीज', 'सिंह इज किंग' और '3 इडियट्स' जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बनाई है। इतना ही नहीं उन्होंने 'बूगी वूगी' समेत कई शो भी होस्ट किए हैं।
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जावेद जाफरी
एक वॉयस आर्टिस्ट के तौर पर भी जावेद ने काफी सफलता पाई है। फन शो 'टकेशीज कासल' में उनकी आवाज का जादू सुनाई दिया और डिज्नी के कई हिंदी कार्टून कैरेक्टर्स जैसे मिकी माउस, गूफी, डॉन कारनेज को भी उन्होंने अपनी आवाज दी। जावेद जाफरी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में 35 साल गुजारे हैं। हालांकि उन्होंने बताया था कि उनकी पहली फिल्म की कामयाबी के कारण उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
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जावेद जाफरी
खलनायक की भूमिका बनी मुसीबत

जावेद जाफरी ने बॉलीवुड में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत मशहूर निर्माता-निर्देशक सुभाष घई की फिल्म 'मेरी जंग' से की थी। इस फिल्म से उन्हें कामयाबी तो मिली, लेकिन साथ ही करियर में कुछ मुश्किलें भी आ गईं। बीबीसी हिंदी से खास बात चीत में जावेद जाफरी कहते हैं, ' सुभाष घई जी ने मुझे पहला बड़ा मौका दिया। पहली फिल्म से कामयाबी तो मिली, लेकिन कुछ बाधाएं भी आ गई थीं। सुभाष घई साहब मुझे अपनी अपनी फिल्म में लॉन्च कर रहे थे और इस फिल्म को लिखा था जावेद अख्तर जी ने।

ये बहुत बड़ी बात थी। मैंने 'मेरी जंग' में खलनायक की भूमिका निभाई थी। मैं खलनायक के किरदार में लॉन्च हुआ था और उस वक्त लोगों के जहन में छप गया था कि ये खलनायक है। दूसरी किसी फिल्म में हीरो कैसे ले सकते हैं। ये तो खलनायक है और ये ही सबसे बड़ी बाधा बनी मेरे लिए।

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javed jaffrey - फोटो : file photo
शुरुआती दिनों की फिल्मों से नहीं मिली खुशी

अपनी पहली फिल्म से बनी इमेज के बारे में जावेद आगे कहते हैं, 'मैं सुभाष जी का वो खलनायक था जो एक अच्छा डांसर भी है, लेकिन उस दौर में खलनायक नहीं हीरो डांस करता था। शुरुआत में सब लोग सोचते थे कि सुभाष घई साहब ने इसे खलनायक क्यों लॉन्च किया? अगर ये हीरो बन सकता है तो उन्होंने इसे हीरो क्यों नहीं बनाया? पहली फिल्म के बाद मुझे अच्छे और सकारात्मक भूमिका वाले किरदार मिलने में काफी वक्त लगा, मैं उस दौरान कई फिल्में कर रहा था, लेकिन मैं खुश नहीं था, सिर्फ काम करते जा रहा था'।
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जावेद जाफरी
टीवी पर वो लोग जाते हैं जिनके पास कुछ काम नहीं होता

इंडस्ट्री में 35 साल का वक्त गुजार चुके जावेद जाफरी कहते हैं कि, 'मेरी जिंदगी में बड़ा बदलाव टेलीविजन लेकर आया। टीवी जब शुरू हुआ तो मैंने यहां काम करने का फैसला लिया और जब काम शुरू किया तो उस वक्त लोगों ने मुझे कहा तुम पागल हो, टीवी पर आ रहे हो। ये एक प्रोफेशनल सुसाइड है। जिन लोगों के पास कुछ नहीं होता है वो लोग ही टीवी पर जाते हैं'।

जावेद कहते हैं, "लोगों की बात सुनकर मैंने उनसे कहा था कि देखो टीवी की अपनी एक अलग ऑडियंस है और उस दौरान मैं चैनल वी के जरिए युवा लोगों के संपर्क में आया जिनकी अपनी एक जबान है।आज जो इंटरनेट में हाय, हेलो, सलाम वाली भाषा सुनाई देती है, उसकी शुरुआत मैंने बहुत पहले टीवी पर की थी। टीवी में कई शो होस्ट करने के बाद डांस रियलिटी शो 'बूगी वूगी' से मुझे बहुत कामयाबी मिली। मेरी कामयाबी और टीवी पर मेरे काम को देख कई दिग्गजों ने जैसे शम्मी कपूर साहब, अमिताभ बच्चन साहब, धर्मेंद्र जी, महमूद साहब, जया प्रदा ने ना केवल सराहना की थी बल्कि मेरा हौसला भी बढ़ाया था।"
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javed jaffrey - फोटो : file photo
साल 2000 ने मुझे डूबने से बचाया

जावेद कहते हैं, "साल 2000 में 'जजंतरम ममंतरम' आई और फिर 'सलाम नमस्ते'। इससे एक अलग बदलाव आया। कुछ समय बाद धमाल आई, जिन्दगी में कुछ ना कुछ ऐसा काम हुआ जिनसे मैं जिंदा रहा। कहते हैं ना आप समुन्दर में तैर रहे हैं लेकिन डूबे नहीं। मेरी कुछ फिल्मों ने, होस्टिंग और शो 'बूगी वूगी ने मुझे डूबने नहीं दिया, मुझे बचा लिया।"
 
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जावेद जाफरी - फोटो : सोशल मीडिया
ये कैरेक्टर एक्टर कहना ही ग़लत है

जावेद को अपने 35 साल के करियर को लेकर कोई शिकायत नहीं हैं। परेशानी है तो सिर्फ एक शब्द से और वो शब्द है 'कैरेक्टर एक्टर'। जावेद कहते हैं ,"एक अभिनेता का काम ही यही है कि जब वो कोई फिल्म करे तो वो उस किरदार में रहे यानी कैरेक्टर में रहे लेकिन हमारी फिल्म इंडस्ट्री में एक टर्म है जो बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है और वो है 'कैरेक्टर एक्टर'। ये होता क्या है आज तक मुझे समझ नहीं आया'। वो कहते हैं, "मेरी नजर में हर एक्टर कैरेक्टर होता है, फिर वो हीरो हो या हीरोइन। वो भी तो कैरेक्टर हैं। फिर मेरे हिसाब से आप लीड एक्टर या सपोर्टिंग एक्टर कह कर बुला सकते हैं, लेकिन ये कैरेक्टर एक्टर कहना ही गलत है"।

जावेद जाफरी ने डेविड धवन की फिल्म 'कुली नंबर वन' में भी अहम भूमिका निभाई है। इस नई 'कुली नंबर वन' में वरुण धवन और सारा अली खान मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा जावेद, रोहित शेट्टी की फिल्म 'सूर्यवंशी' और सैफ अली खान के साथ 'भूत पुलिस' में नजर आने वाले हैं।
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