बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में निजी एफएम रेडियो प्रसारकों के खिलाफ द इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी लिमिटेड (आईपीआरएस) के अधिकारों को बरकरार रखा है। बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े दो मामलों में बॉम्बे हाई कोर्ट का ये यह फैसला आया है। अदालत आईपीआरएस के इस तर्क से सहमत रही कि एफएम रेडियो प्रसारकों द्वारा संगीत के प्रसारण के लिए भुगतान जरूरी है। अदालत ने प्रतिवादियों को 31 दिसंबर 2020 के पूर्ववर्ती बौद्धिक संपदा अपीलीय बोर्ड के फैसले के अनुसार छह सप्ताह की अवधि के भीतर संबंधितों को आईपीआरएस को रॉयल्टी का भुगतान करने का निर्देश दिया है।