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Javed Akhtar Birthday: वे मामले जिनसे जावेद का दामन हुआ दागदार, कलम से ‘जादू’ के लिए रहे मशहूर

Sun, 17 Jan 2021 10:18 AM IST
shrilata biswas अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
आपको ये तो पता ही होगा कि मशहूर पटकथा लेखक, गीतकार और कवि जावेद अख्तर को 'जादू' के नाम से भी जाना जाता है। ये उनका निकनेम है। जावेद को वैसे कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के सह लेखन के लिए भी जाना जाता है। हैरानी की बात ये है कि नई पीढ़ी को जावेद की फिल्मों, गीतों, गजलों और नज्मों से ज्यादा उनका नाम सोशल मीडिया के विवादों के चलते अधिक सुनाई दिया। जावेद बोलने में बेफिक्र इंसान हैं। वह आगे बढ़ते जाते हैं। फिर इसके लिए चाहे उन्हें अपनों का दिल दुखाना पड़े या अपने प्रशंसकों का, वह परवाह कम ही करते हैं। आज उनकी सालगिरह है, चलिए देखते हैं, हाल फिलहाल उनको न्यू मिलेनियल्स ने किस तरह जाना।
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जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अजान पर बयान
ये उस सोशल मीडिया पोस्ट की बात है जो जावेद अख्तर ने अजान में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के बारे में लिखी। उन्होंने लिखा कि देश में लगभग 50 साल तक लाउडस्पीकर पर अजान करना हराम मानी जाती थी। इसके बाद इसे लोगों ने हलाल मानना शुरू कर दिया। और, यह हलाल इस कदर हुई जिसकी कोई सीमा ही नहीं रही। जावेद अख्तर ने लिखा कि अजान करना ठीक है लेकिन लाउडस्पीकर पर इसे करना दूसरों के लिए असुविधा का कारण बन जाता है। बेहतर रहेगा कि लोग इसे कम से कम करें। जावेद के इस बयान पर जब विवाद हुआ तो उन्होंने सफाई तो जरूर दी लेकिन कोई पछतावा जाहिर नहीं किया। अपनी सफाई में जावेद ने खुद को मौकापरस्त नास्तिक ही बता डाला।
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जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
घूंघट पर बयान
भोपाल में एक समारोह के दौरान जावेद अख्तर ने अपने बयान में कहा था कि अगर देश में बुर्के पर प्रतिबंध लगाने का कानून लाया जा रहा है तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन, सरकार को घूंघट की प्रथा पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा करनी चाहिए। जावेद के इस बयान पर करणी सेना ने अपना सख्त रवैया अपनाया और एक नोटिस जारी करते हुए जावेद को अपने बयान पर जल्द से जल्द माफी मांगने या फिर परिणाम भुगतने की बात कही। इसके बदले में जावेद ने सोशल मीडिया पर कहा कि कुछ लोगों ने उनके बयान को गलत ढंग से पेश करने की कोशिश की है।

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जावेद अख्तर - फोटो : ANI
ताहिर हुसैन का बचाव
आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन पर जब दिल्ली में हिंसा भड़काने के आरोप लगे और उन पर कार्रवाई की गई तो इस कार्रवाई को लेकर जावेद अख्तर ने सवाल खड़े किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कई लोग मारे गए, कई लोग घायल हुए, बहुत से घरों को जलाया गया, बहुत सी दुकानें लूट ली गईं, बहुत से लोग बेसहारा हो गए। लेकिन, पुलिस ने सिर्फ एक घर को सील किया और अब उसके मालिक की तलाश में है। दुर्भाग्य से उसका नाम ताहिर है। दिल्ली पुलिस के इस सामंजस्य को मेरा सलाम।' जावेद के इतना कहने की ही देर थी कि सोशल मीडिया पर जावेद को जबरदस्त ट्रोल किया गया। गाली गलौज की गई। उसके कुछ समय बाद जावेद ने सफाई देते हुए एक और पोस्ट लिखी, 'लोगों ने मुझे गलत समझ लिया।'
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जावेद अख्तर, कंगना रणौत - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
जावेद-कंगना विवाद
विवादों से जावेद अख्तर और कंगना रणौत दोनों का गहरा नाता रहा है। कंगना की बहन रंगोली ने जावेद पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने कंगना को अपने घर बुलाकर धमकाया था और अभिनेता ऋतिक रोशन से माफी मांगने को भी कहा था। जावेद ने हर बार अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को गलत बताया है। जब कंगना ने इन बातों को कई बार दोहराया तो जावेद ने कंगना पर मानहानि का मुकदमा भी दायर कर दिया। फिलहाल यह मामला अदालत में है।
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परिवार के सदस्यों के साथ जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
तनिष्क विवाद पर बयान
तनिष्क ने जब हिंदू मुस्लिम भाईचारे का एक विज्ञापन बनाया तो लोगों ने इसे आड़े हाथ लिया और कंपनी को यह विज्ञापन वापस लेना पड़ा। इस पर जावेद अख्तर ने अपनी राय देते हुए कहा कि दो गैर धर्मों में विवाह पर हमेशा कुछ लोगों को तकलीफ होती है। इस मामले में हमेशा लड़की पक्ष का गुस्सा देखने मिलता है। इस नाराजगी का आधार यह होता है कि लड़की को एक संपत्ति समझते हैं जबकि नाराज लोग दूल्हे और उसके परिवार को एक पशु चोर की तरह देखते हैं। इस पर जावेद की इतनी खिंचाई हुई कि आगे उन्होंने इस मामले पर ट्वीट करना ही बंद कर दिया।
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जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
'पद्मावत' विवाद पर बयान
जब देश में संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे तब जावेद और उनकी पत्नी शबाना ने अपने बयान में कहा था कि अब यहां नए तालिबानी जन्म रहे हैं। धर्मनिरपेक्ष हिंदुओं को इसका विरोध सामने आकर करना चाहिए। इन राजा महाराजाओं ने ब्रिटिश सरकार के सामने कभी युद्ध नहीं लड़े। तो अब इन्हें सड़कों पर उतर कर इस तरह के विरोध प्रदर्शन भी नहीं करने चाहिए। जावेद ने कहा कि वह किसी गरीब राजपूत से सहमत तो हो सकते हैं लेकिन इन राजाओं से नहीं। जावेद के इस बयान पर राजपूत सभा ने कड़ा विरोध जताया।

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जावेद अख्तर, शबाना आजमी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
हनी ईरानी को कहा बाय बाय
जावेद अख्तर जब अपने घर से अपना करियर बनाने के लिए मुंबई आए तब उनके पास रहने के लिए ठिकाना भी नहीं था। ऐसे कठिन समय में तब उनके काम आईं राइटर हनी ईरानी। जावेद और हनी ने शादी की और फरहान अख्तर और जोया अख्तर दो बच्चे भी पैदा किए। लेकिन, जब जावेद की मुलाकात शबाना आजमी से हुई तो जावेद शबाना को भी पसंद करने लगे। फिर जावेद की दूरियां हनी ईरानी से बढ़ने लगीं। एक वक्त ऐसा आया जब हनी ने जावेद को सीधे तौर पर कह दिया कि अगर उन्हें शबाना के पास जाना है तो जाएं। इस तरह अधर में लटकने से कोई फायदा नहीं। तब खुले मन से जावेद शबाना के पास चले गए।
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जावेद अख्तर, सलीम खान - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सलीम से तोड़ा रिश्ता
सलीम-जावेद की जोड़ी फिल्मों में बहुत मशहूर रही। सलीम खान ने मुंबई में पैर जमाने में जावेद की बहुत मदद की। दोनों ने मिलकर 'जंजीर', 'शोले', 'डॉन', 'शान' आदि 23 फिल्में लिखीं। लंबे समय तक साथ काम करने के बाद अचानक से यह जोड़ी एक दिन टूट गई और सलीम खान के मुताबिक इसका फैसला जावेद अख्तर ने उन्हें यूं ही अचानक सुना दिया था और जावेद ने ही इस बारे में मीडिया को भी बताया। जावेद अख्तर से वह इसलिए भी अरसे तक नाराज रहे कि उन्होंने अपनी खुद की तरक्की के लिए जिन लोगों का साथ लिया, उन्होंने सलीम खान के एहसानों को भुला दिया।
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