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Jahnvi Kapoor: ‘पापा से मैंने सीखी ईमानदारी, मौका आए तो पूरे घर की जिम्मेदारी उठा सकती है बेटी’

Sat, 16 Jul 2022 10:43 PM IST
वर्तिका तोलानी अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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जान्हवी कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

फिल्म निर्माता बोनी कपूर की बेटी जान्हवी कपूर को अभिनय अपनी मां श्रीदेवी से विरासत में मिला। फिल्म दर फिल्म हिंदी सिने जगत में अपने पैर जमा रहीं जान्हवी बेटी और बेटे में फर्क किए जाने के बिल्कुल खिलाफ हैं। अपनी फिल्मों के किरदार भी वह इसीलिए ऐसे चुनती हैं जिन्हें आम कहानियों में हीरो ही करते दिखते हैं। जान्हवी की अगली फिल्म ‘गुड लक जेरी’ अगले हफ्ते सीधे ओटीटी पर रिलीज हो रही है। एक दक्षिण भारतीय फिल्म की इस रीमेक में जान्हवी का किरदार कुछ ऐसा है कि हिंदी फिल्मों में कम ही देखने को मिलता है। जान्हवी कपूर से ‘अमर उजाला’ की एक खास मुलाकात।

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जान्हवी कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' के बाद अब 'गुड लक जेरी' भी ओटीटी पर? अब तो इसे थिएटर में रिलीज होना चाहिए थानहीं?
अभी हम परख नहीं पाए हैं कि थिएटर में कौन सी फिल्म चल पा रही है और कौन सी नहीं। उस हिसाब से ओटीटी बेहतर माध्यम है। इस पर दर्शकों की संख्या भी बहुत ज्यादा है। मैं पूरे यकीन के साथ कह सकती हूं कि यह अच्छी फिल्म है और अच्छी फिल्म चाहे बड़े परदे पर रिलीज हो या ओटीटी पर, दर्शकों को पसंद आती ही है।

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जान्हवी कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

फिल्म गुड लक जेरी’ का ट्रेलर बताता है कि आपका किरदार पूरा परिवार चला रहा है। कियारा आडवाणी ने भी हाल ही में कहा कि बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत होना चाहिए। आपका क्या मानना है?
मैं कियारा की इस बात से पूरी तरह से सहमत हूं कि बेटियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो तो बिना शादी किए भी सेटल हो सकती है। सदियों से महिलाओं ने जो ताकत दिखाई है और जो कर रही हैं उसका उन्हें समाज में सम्मान मिलना ही चाहिए। उन्हें ऐसे नजरिये से कतई नहीं देखना चाहिए कि बिना मर्दों के उनका कुछ होगा ही नहीं। एक बेटी खुद अपने पैरों पर खड़ी होकर न सिर्फ अपना ख्याल रख सकती है बल्कि मौका आए पूरा घर और परिवार भी संभाल सकती है। फिल्म 'गुड लक जेरी' में भी जेरी ही घर की सारी जिम्मेदारी उठाती है।

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जान्हवी कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

घर पर आपके पिता बोनी कपूर आपको ऐसा करने की छूट देते हैं?
अपने पिताजी मैंने एक ही बात सीखी है और वह है ईमानदारी। वह खुद भी ईमानदार रहते हैं और हमें भी यही सिखाते हैं। हर पिता को अपने बच्चों के प्रति ऐसे ही ईमानदार होना चाहिए। बेटियों और बेटों के फर्क को मैं नहीं मानती है। अच्छा ये हुआ है कि अब बेटियों को भी हर तरह का करियर अपनाने की आजादी मिल रही है। घरवालों का साथ मिले तो कोई भी बेटी आसमान छू सकती है।

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जान्हवी कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

दक्षिण भारतीय फिल्मों की हिंदी रीमेक फिल्में इन दिनों ज्यादा चल नहीं रहीं। आपकी तो गुडलक जेरी’ के बाद आने वाली एक और फिल्म ‘मिली’ भी रीमेक ही है?
हां, ये सच है कि इन दिनों दक्षिण भारतीय फिल्मों की काफी रीमेक बन रही हैं। ‘गुड लक जेरी’ एक तमिल फिल्म की रिमेक है लेकिन मुझे नहीं लगता है कि इन फिल्मों का कोई डब वर्जन हिंदी में अभी तक रिलीज नहीं हुआ है। लोगों ने ये फिल्में नहीं देखी है इसलिए हम थोड़ी हिम्मत करके इन फिल्मों की रिमेक बना रहे हैं। हिंदी के दर्शकों को ये नई तरह की कहानियां जरूर पसंद आएंगी।

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जान्हवी कपूर - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
स्टार किड्स से दर्शकों को अपेक्षाएं काफी ज्यादा होती हैं, ऐसे में जब आपकी कोई फिल्म रिलीज होती है तो किसी तरह का तनाव या दबाव महसूस करती हैं?
मेरा मानना है कि अच्छा काम करने का दबाव तो सब पर होता है फिर चाहें आप स्टार किड्स हों या ना हों। वैसे, मुझे नहीं लगता है कि मैं श्रीदेवी की बेटी होने का कोई दबाव झेल रही हूं। उनकी बेटी होने के नाते लोगों को मुझसे उम्मीदें है तो मैं उस चीज के लिए सबकी बहुत आभारी हूं। उनकी उम्मीदों की वजह से मुझे और अच्छा काम करने की प्रेरणा मिलती है।
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जान्हवी कपूर - फोटो : सोशल मीडिया
निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘बवाल’ की कानपुर में हुई शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?
कानपुर के लोगों का बात करना का लहजा मुझे बहुत पसंद आया। वहां के लोग गुस्से में भी बात करते हैं तो लगता है कि शायरी सुना रहे हैं। वहां से हम लखनऊ आए, जहां का कबाब मुझे बहुत पसंद है। भूल भुलैया और इमामबाड़ा भी घूमने गई थी और वहां बहुत मजा आया। लखनऊ के लोगों की बात करने की जो तहजीब है वह बहुत ज्यादा अच्छी है।
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