एन एक्शन हीरो कास्ट क्रू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
और, इसमें आपके पिता का कितना प्रभाव रहा?
सिनेमा का प्रभाव सिर्फ मनोरंजन से था। मुझे याद है, पापा जब 'प्यासा', 'अनुपमा', 'देवदास' जैसी फिल्मों के वीएचएस कैसेट लाते थे और हम साथ में बैठ कर फिल्में देखते थे। पापा को फिल्में देखने का बहुत शौक था। जब पापा के साथ 'प्यासा', 'अनुपमा', 'देवदास' जैसी फिल्में देखता तो लगता था कि यह नॉर्मल सिनेमा से कुछ अलग चीज है। जब आर्मी में मेरा चयन नहीं हुआ तो मैंने थिएटर करना शुरू किया तब पापा के साथ देखे सिनेमा के मायने समझ में आने लगे।