क्यों न देखें-
युवाओं को गलत मैसेज
बेटी का पिता के खिलाफ होना तो समझ आता है, लेकिन पिस्तोल की नोक पर प्रेमी को भगा ले जाना और शादी कर लेना, युवाओं को गलत मैसेज देता है। अपने फेवरेट हीरो-हीरोइन को आइकन समझने वाला युवा वर्ग फिल्म से मिले मैसेज का गलत मतलब निकाल सकता है। घर से भागने के फैसले को किसी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि मसाला फिल्मों की तरह 'धड़क' का आगाज तो सही है, लेकिन अंजाम भी बहुत गलत दिखाया गया है।