इरफान, सुतापा और बाबिल खान
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इसके बाद सुतापा ने याद किया कि अस्पताल जाने से पहले, इरफान ने उन्हें आश्वासन दिया था कि सब कुछ ठीक है। वह बोलीं, 'वह मुझसे कह रहे थे, नहीं ठीक है। बिना किसी गुस्से के। उनके चेहरे से किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं झलक रही थी। मुझे इतना स्पष्ट रूप से याद है, बिस्तर के किनारे बैठे-बैठे वह बहुत कमजोर हो गए थे। मैंने उन्हें पैंट पहनाई और उनके बाल भी भाए। वह बैठे, मेरा हाथ पकड़ा और उठ गए। हमने एक दूसरे को गले लगाया। इसमें अंतिमता का क्षण भी नहीं था। उनका कोई भी इनट्यूशन यह नहीं कह रहा था कि वह वापस नहीं आएंगे।'